- चरथावल से पूर्व विधायक पंकज मलिक, खतौली से राजपाल सैनी को टिकट
- पुरकाजी से पूर्व विधायक अनिल कुमार और मीरापुर से चंदन चौहान पर भरोसा
- अब तक घोषित प्रत्याशियों में दो सीट सपा और दो रालोद के हिस्से में
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। सपा-रालोद गठबंधन ने आखिरकार टिकटों के पत्ते खोल दिए हैं। रालोद की ओर से तीन सीटों पर प्रत्याशी घोषित किए गए हैं । चरथावल सीट पर सपा, जबकि पुरकाजी और खतौली सीट पर रालोद के सिंबल पर चुनाव लड़ा जाएगा। दोनों दलों ने पुराने खिलाड़ियों पर ही दांव खेला है। बुढ़ाना पर टिकट का पेंच फंसा है, जिस वजह से प्रत्याशी की घोषणा नहीं हो सकी है। जातीय समीकरण साधने में भी गठबंधन अब तक कामयाब रहा है।
रालोद के आधिकारिक ट्वीटर पेज से प्रत्याशियों की पहली सूची जारी की गई। जिलाध्यक्ष प्रभात तोमर ने बताया कि खतौली सीट से पूर्व राज्यसभा सांसद राजपाल सैनी और पुरकाजी सुरक्षित सीट से पूर्व विधायक अनिल कुमार को रालोद ने टिकट दिया है। गठबंधन में सहयोगी सपा ने चरथावल से पूर्व विधायक पंकज मलिक को टिकट दिया है। टिकट की सूची जारी होते ही समर्थकों में खुशी छा गई। लखनऊ और दिल्ली से लेकर अपने-अपने क्षेत्रों तक बधाईयां दी गई। समर्थकों ने मिठाई बांटकर खुशी जताई। समाजवादी पार्टी के नेता चंदन चौहान ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उन्हें मीरापुर से चुनाव लड़ने की अनुमति दी है, सिंबल मिल गया है।
राजपाल सैनी को बेटे पर मिली तरजीह
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बसपा के टिकट पर मोरना से 2002 में चुनाव जीतकर पहली बार विधायक बने राजपाल सैनी को उनके बेटे शिवान सैनी पर तरजीह दी गई। बसपा सरकार में वह मंत्री बनाए गए थे। बसपा से ही राज्यसभा सांसद बनाए गए। लंबे समय से सपा में सक्रिय है। शिवान सैनी ने 2017 का चुनाव खतौली सीट से लड़ा था, लेकिन वह हार गए थे।
18 साल से सियासत में पंकज मलिक
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सपा के टिकट पर चरथावल से उम्मीदवार बनाए गए पंकज मलिक 18 साल से राजनीति में सक्रिय हैं। 2004 में बघरा सीट पर हुए उपचुनाव में रालोद के परमजीत मलिक से वह हार गए थे। इसके बाद 2007 में यहीं से विधायक बने। 2012 में कांग्रेस के टिकट पर शामली से विधायक रहे। 2017 में हार का सामना करना पड़ा। इस बार चरथावल से चुनाव मैदान में उतरे हैं।
दो बार के विधायक अनिल पर जताया भरोसा
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पुरकाजी सुरक्षित सीट से रालोद के सिंबल पर सपा नेता पूर्व विधायक अनिल कुमार को मौका दिया गया है। बसपा के टिकट पर अनिल कुमार 2007 में विधायक बने थे। 2012 में वह सुरक्षित सीट पुरकाजी से विधायक बने थे। 2017 में बसपा के टिकट पर वह चुनाव हारे तो इस बार सपा में शामिल हो गए थे। रालोद से चुनाव मैदान में उतारे गए हैं।
मीरापुर से विरासत संभालने उतरेंगे चंदन चौहान
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सूबे के पूर्व डिप्टी सीएम स्वर्गीय नारायण सिंह के पोते और स्वर्गीय सांसद संजय चौहान के बेटे चंदन चौहान को सपा ने इस बार मीरापुर सीट से चुनाव मैदान में उतारा है। पिछला चुनाव वह सपा के टिकट पर ही खतौली से लड़े थे, लेकिन हार गए थे। गुर्जर समाज में नारायण सिंह के परिवार का सम्मान है। सियासत में उनकी तीसरी पीढ़ी चुनाव लड़ने जा रही है।