इस तरह सुनाई आपबीती, भावुक हो गए
छात्र के पिता ने बताया कि उसके बेटे का 28 मार्च को परीक्षाफल घोषित हुआ था। इसके बाद उसने एक अप्रैल को बीएसए कार्यालय में लिखित पत्र देते हुए नई यूनिफॉर्म और किताबों की मांग की थी, लेकिन अभी तक वह नहीं दिलवाई गई हैं। उधर, स्कूल की अध्यापिकाएं लगातार किताबें और यूनिफॉर्म के लिए जोर दे रही हैं। इरशाद ने कहा कि उसे फरवरी और मार्च माह का परिवहन खर्च भी नहीं दिया गया है। पहले तो उसका बैंक खाता खुलवाया गया है, लेकिन अब वह कैश ही देते हैं। 200 रुपये रोज के हिसाब से परिवहन खर्च दिया जाता है, जो समय से नहीं मिलता है। पीड़ा सुनाते-सुनाते इरशाद भावुक हो गए।
यह था पूरा मामला
खुब्बापुर गांव के स्कूल में शिक्षिका तृप्ता त्यागी ने पहाड़ा नहीं सुनाने पर अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र की सहपाठियों से पिटाई करा दी थी। इसी दौरान जातीय टिप्पणी का भी आरोप है। प्रकरण के दौरान पीड़ित छात्र के चचेरे भाई ने वीडियो बना लिया। वीडियो के वायरल होते ही प्रतिक्रियाएं आने लगीं और शिक्षिका की गिरफ्तार करने की मांग उठने लगी। आरोपी शिक्षिका पर एफआईआर दर्ज हो गई थी। महात्मा गांधी के पोते तुषार गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी, जिसकी सुनवाई चल रही है।
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