संभलहेड़ा निवासी शोबी सिद्दीकी।
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गांव की बेटियों को आत्मनिर्भर बना रही शोबी
मुजफ्फरनगर। गांव संभलहेडा की शोबी सिद्दीकी, वो नाम जो ग्रामीण महिलाओं के लिए एक मिसाल हैं, पांच साल में वह 2200 बेटियों को आत्म निर्भर बना चुकी हैं। उन्होंने पहले स्वयं प्रशिक्षण लिया और अब वह कंप्यूटर, सिलाई, कढाई, मेहंदी लगाने का निशुल्क प्रशिक्षण ग्रामीण बेटियो को दे रही है।
अंतरराष्ट्रीय ग्रामीण महिला दिवस की सार्थकता को सही मायनों में शोबी ने साबित किया है। शाहपुर की बेटी शोबी सिद्दीकी बीएफए से स्नातक है और उनकी शादी जानसठ के गांव संभलहेडा में हुई है। 2017 में उसने गांव में ही बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने का बीडा उठाया। इस कार्य में उसकी ससुराल के लोगों ने भी सहयोग किया। इस समय उनके पास 65 लड़कियां सिलाई सीख रही हैं। 35 लड़कियां कढाई और 18 लड़की कंप्यूटर का प्रशिक्षण ले रही है। प्रशिक्षण लेने वाली किसी भी लड़की से कोई फीस नहीं ली जाती है। सोशल वेलफेयर सोसाइटी की अध्यक्षा शोबी सिद्दीकी का कहना है कि जो लड़की ससुराल में परेशान की जाती है, उन्हें इंसाफ दिलाने में कानूनी मदद भी वह करती है। गांव के गरीब लोगों को सरकार से मिलने वाली मदद दिलाने में सहायता करती है। वह कहती हैं कि किसी भी महिला के लिए रोजगार सबसे महत्वपूर्ण है। आत्मनिर्भर महिला का शोषण नहीं हो सकता। मेरा उद्देश्य महिलाओं को रोजगार देकर पैरो पर खड़े करना है।