मुजफ्फरनगर। श्रावण मास की शिवरात्रि पर श्रद्धालुओं ने भगवान आशुतोष का रुद्राभिषेक और जलाभिषेक किया। शहर के सभी शिवालयों और देवालयों में जलाभिषेक करने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। मंदिर, शिवालय हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजते रहे। कोरोना संक्रमण के कारण इस बार भी कांवड़ यात्रा का आयोजन नहीं हुआ। फिर भी काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने हरिद्वार से गंगा जल लाकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया।
शहर समेत जनपद भर में शिवरात्रि का पूर्व पूरी आस्था, श्रद्धा और विश्वास के साथ मनाया गया। शिवरात्रि पर्व को लेकर सभी मंदिरों को भव्य रंगीन रोशनी से सजाया गया। शिवमूर्ति की भव्यता आकर्षण का केंद्र रही। शुक्रवार सुबह त्रयोदशी होने के बावजूद मंदिरों, शिवालयों में जलाभिषेक करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। शाम को चतुर्दशी तिथि आने पर शिव भक्तों ने रुद्राभिषेक और जलाभिषेक किया।
शहर में शिवचौक, गांधी कालोनी के अनंतेश्वर महादेव मंदिर, गणपति खाटू श्याम धाम के हरिहर महादेव मंदिर, अंसारी रोड स्थित बोहरों वाला मंदिर, गांधी कालोनी लक्ष्मी नारायण मंदिर, सुभाषनगर का शिव मंदिर, द्वारिकापुरी शिव मंदिर, मनकामेश्वर मंदिर समेत तमाम शिवालयों में भगवान शंकर का गंगाजल सहित पंचामृत अभिषेक किया गया। शिवमूर्ति पर जलाभिषेक करने वालों का हर समय तांता लगा रहा।
गंगाजल का प्रबंध किया
मुजफ्फरनगर। कांवड़ यात्रा पर प्रतिबंध होने के कारण श्रद्धालुओं के लिए शिव मंदिरों और शिवालयों में गंगा जल का प्रबंध किया गया। हरिद्वार से गंगा जल लाकर यहां श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराया गया। नगर पालिका चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल ने भी हरिद्वार से गंगा जल मंगवा कर यहां उपलब्ध कराया। जियो गीता श्री कृष्ण कृपा परिवार के पदाधिकारी अतुल गर्ग ने बताया कि परिवार की ओर से महामंडलेश्वर संत ज्ञानानंद महाराज की प्रेरणा से गंगाजल की व्यवस्था शिवचौक समेत जिले के विभिन्न शिव मंदिरों पर की गई। विश्व हिंदू परिषद व बजरंग दल के कार्यकर्ता भी शिव चौक पर शिव भक्तों की सेवा में जुटे रहे। वहीं शिवरात्रि पर शिव मूर्ति समेत सभी मंदिरों और शिवालयों में पुलिस बल तैनात रहा। सुरक्षा व्यवस्था के लिए थाना प्र्रभारी अपने क्षेत्र में गश्त पर रहे।
खूब आए डाक कांवड़िये
मुजफ्फरनगर। प्रतिबंध के बावजूद काफी संख्या में डाक कांवड़िया हरिद्वार से गंगा जल लेकर आए। बाइक के अलावा पैदल भी शिवभक्त गंगा जल लेकर आए और अपने ईष्ट शिवालय में जलाभिषेक किया। इस बार शुकतीर्थ से भी काफी संख्या में शिव भक्त गंगा जल लेकर अपने मंदिरों में पहुंचे। कांविड़यों और शिव भक्तों के आगमन के कारण शिवचौक हर-हर महादेव, बम बम की ध्वनि से गुजायमान रहा। शिवचौक पर शिव भक्तों की भीड़ उमड़ने के कारण सड़क को एक साइड से बंद कर दिया गया था।