मुजफ्फरनगर डिपो के वर्कशॉप में खराब खड़ी रोडवेज की बसें।
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पुराने टायरों पर दौड़ रही रोडवेज बसें, हादसों की आशंका
मुजफ्फरनगर। रोडवेज की बसें पुराने टायरों पर दौड़ रही हैं। ऐसे में हादसा होने की आशंका बनी रहती है। डिपो में संसाधनों की कमी के चलते बेडे़ की तमाम बसें सड़क पर नहीं चल पा रही हैं। रोजाना करीब 35 बसें मरम्मत के लिए खराब स्थिति में वर्कशाप में खड़ी रहती हैं।
कोरोना काल के दौरान परिवहन निगम की बसों के संचालन पर भी प्रभाव पड़ा है। पहले कम यात्री निकले, बाद में सभी राज्यों में बसों का संचालन नहीं हुआ। ऐसे में परिवहन निगम की आय भी आधी रह गए। इस स्थिति में परिवहन निगम में बसों के मेंटीनेंट के लिए आवश्यक सामान की कमी होती गई। स्थानीय डिपो में वर्तमान में सबसे अधिक कमी टायरों की है। बेडे़ में निगम की 141 बसें हैं। जिनमें से आधे से अधिक बसों के टायर काफी खराब हो चुके हैं।
काफी समय से यहां विभाग से टायर उपलब्ध नहीं कराए हैं। ऐसे में बसें पुराने जर्जर टायरों पर ही दौड़ रही हैं। जिससे हादसों की आशंका बनी रहती है। हालांकि अफसरों ने बसों की अधिकतम स्पीड 60 किलोमीटर प्रति घंटा कर रखी है। टायरों के अलावा इंजन और अन्य सामान की कमी के कारण डिपो की आधी बसें ही मार्गों पर चल रही हैं। रोजाना करीब 35 बसें डिपो में खराब खड़ी रहती है।
वर्कशाप के वरिष्ठ फोरमैन सुभाष चंद का कहना है कि टायरों की भारी कमी चल रही है, हालांकि अब सहारनपुर से टायर आ रहे हैं। बाकी सामान बाजार से भी खरीद कर बसों में लगाया जा रहा है। फिटनेस चेक करके ही बसों को डिपो से बाहर निकाला जाता है।