भाजपा से गठबंधन के बाद रालोद ने अपने हिस्से में आई बिजनौर लोकसभा सीट पर जाट और गुर्जर समीकरण साधते हुए मीरापुर विधायक चंदन चौहान को प्रत्याशी बनाया है। उनके पिता स्वर्गीय संजय सिंह भी यहां से सांसद रह चुके हैं।
साल 2017 में चंदन चौहान खतौली से सपा के टिकट पर चुनाव हार गए थे। साल 2022 में सपा-रालोद गठबंधन ने उन्हें रालोद के सिंबल पर मीरापुर से चुनाव लड़ाया और वह विधानसभा पहुंच गए। सपा-रालोद गठबंधन टूटा, लेकिन वह रालोद में ही रहे। पहले उनकी पत्नी यशिका चौहान को चुनाव लड़ाए जाने की चर्चा शुरू हुई थी। लेकिन एन वक्त पर विधायक को ही टिकट दिया गया है। उन्हें टिकट दिए जाने से समर्थकों में खुशी है। बिजनौर लोकसभा सीट पर गुर्जर और जाट वोट निर्णायक भूमिका निभाते रहे हैं। भाजपा की पैठ वाले अति पिछड़ा वर्ग के साथ जाट और गुर्जर मत मिलकर मजबूत समीकरण के साथ चंदन चौहान चुनाव मैदान में उतरेंगे।