प्रकरण के 13 साल बाद 24 मई 2007 को उन्हें आरोपी बनाया गया है। जो आरोप लगाए गए हैं, उनमें अधिक से अधिक तीन साल की सजा का प्रावधान है। आरोप तीन साल के अंदर आरोपित किए जाने चाहिए थे, लेकिन यह 13 साल बाद आरोपित किए गए। यह गैरकानूनी है। इसी वजह से उन्हें दोषमुक्त किया जाना चाहिए। गौरतलब है कि शामली के झिंझाना थाने के तत्कालीन इंस्पेक्टर रहे बृज किशोर मुख्य आरोपी है।