टीकमगढ़ के मॉडल पर बन रहा रेलवे स्टेशन
मुजफ्फरनगर। 34 सालों में सबसे अधिक तरक्की रेलवे ने की है। अब मुजफ्फरनगर के रेलवे स्टेशन को राजस्थान के टीकमगढ़ स्टेशन के मॉडल पर बनाया जा रहा है। स्टेशन अगले वर्ष तक तैयार हो जाएगा। रेलवे का दोहरीकरण हो चुका है। कई नई ट्रेन इस मार्ग पर चल रही है। स्टेशनों का आधुनिकीकरण हुआ है। समय से ट्रेनों का संचालन होने से सफर बहुत सुगम हो गया है। करीब साढ़े तीन दशक में कोयले के इंजन से चलने वाली ट्रेनों के दौर से लेकर इलेक्ट्रिक इंजन से चलने वाले ट्रेनों के बदलाव और रेलवे की इस तरक्की का अमर उजाला साक्षी रहा है।
दिल्ली-मेरठ-सहारनपुर रेलवे मार्ग का मुजफ्फरनगर प्रमुख रेलवे स्टेशन है। स्टेशन की स्थापना ब्रिटिशकाल में 1924 में हुई थी। 34 साल पहले इस मार्ग पर गिनी चुनी ट्रेनें ही चलती थीं, जिनमें पैसेंजर ट्रेनों के अलावा फ्रंटियर मेल (गोल्डन टेंपल), छत्तीसगढ़, देहरादून एक्सप्रेस, शालीमार एक्सप्रेस मुख्य थी। अब हरिद्वार-कोटा नंदा देवी एक्सप्रेस, पुरी से हरिद्वार चलने वाली उत्कल एक्सप्रेस, जन शताब्दी, शताब्दी, चेन्नई-देहरादून स्पेशल, इलाहाबाद से उधमपुर, कोच्चीवल्ली एक्सप्रेस, कटरा एक्सप्रेस, एसी स्पेशल, मदुरैई आदि नई ट्रेनों की सौगात मिली हैं। वर्तमान में स्टेशन पर 28 अप तथा 29 डाउन गाड़ियों का स्टॉपेज हैं। देहरादून, अमृतसर, मुंबई और चेन्नई जैसे बड़े शहरों से मुजफ्फरनगर की सीधी कनेक्टिविटी है। यहां वर्ष 1994 तक कोयले के इंजन का संचालन रहा। वर्ष 2016 में खुर्जा से लेकर टपरी तक विद्युतीकरण हुआ और इलैक्ट्रिक ट्रेनों का संचालन शुरू हुआ।
दोहरीकरण से यात्रियों को मिला लाभ
मुजफ्फरनगर। मेरठ से टपरी तक रेलवे लाइन दोहरीकरण की मांग दो दशक पुरानी थी। जो इस साल पूरी हो गई। पहले लाइन सिंगल होने के कारण ट्रेनें प्रभावित होती थी तथा यात्री समय पर नहीं पहुंच पाते थे। पहले खतौली तक, इसके बाद खतौली से मुजफ्फरनगर तक और इसी साल छह मार्च को मुजफ्फरनगर से देवबंद तक दोहरीकरण का काम पूरा हो गया है। ट्रेन समय पर आती है तथा यात्रा सुगम हो गई है। यात्री समय से अपने गंतव्य स्थान तक पहुंच रहे हैं। हालांकि कोविड काल के चलते ट्रेन कम ही चल रही है।
यात्री सुविधाओं को मिलेगी तरजीह
मुजफ्फरनगर। रेलवे लाइन दोहरीकरण के चलते जनपद के सभी स्टेशनों खतौली, मंसूरपुर, नरा, बामनहेडी, रोहाना को आधुनिक बनाया गया है। अब मुजफ्फरनगर के रेलवे स्टेशन को राजस्थान के टीकमगढ़ स्टेशन के मॉडल पर बनाया जा रहा है। स्टेशन अगले वर्ष तक तैयार हो जाएगा। यहां स्टेशन पर रिजर्वेशन विंडो, पूछताछ केंद्र, टिकट खिड़की आदि नए बनेंगे। स्टेशन के नए स्वरूप और यात्री सुविधाओं के विकास के लिए दस करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ है।
डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर भी निर्माणाधीन
मुजफ्फरनगर। जिले में डेडिकेडेट फ्रेट कॉरिडोर का निर्माण भी चल रहा है। खुर्जा से लेकर लुधियाना तक बनने वाला यह कॉरिडोर मंसूरपुर स्टेशन से वाया पीनना होकर रोहाना तक बनाया जाएगा।
मुजफ्फरनगर तक आएगी रैपिड रेल
मुजफ्फरनगर। दिल्ली से मेरठ तक निर्माणाधीन आरआरटीएस (रैपिड रेल ट्रांजेक्शन सिस्टम) को मुजफ्फरनगर भी लाया जाएगा। इसके लिए केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान और राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल लगातार प्रयासरत हैं। राज्य सरकार ने इसे मंजूरी दे दी है। इसके बजट के लिए केंद्र सरकार को भी पत्र भेज दिया गया है। यहां रैपिड रेल आने से दिल्ली तक की दूरी मात्र दो घंटे में पूरी हो जाएगी। यह परियोजना जिले के विकास में भी बड़ी सहायक होगी।