मुजफ्फरनगर के मंसूरपुर थाने पर करीब डेढ़ माह पहले विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम का दर्ज हुए मुकदमे को पुलिस ने जांच के दौरान खत्म कर दिया है। पुलिस ने जांच में धर्मांतरण अधिनियम की धारा हटा दी। आरोपी युवकों के खिलाफ केवल गाली-गलौज करने और जान से मारने की धमकी देने की धाराओं में चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की है।
प्रदेश में विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम लागू होने के बाद जिले में 29 नवंबर 2020 को मंसूरपुर थाने में यह पहला मुकदमा दर्ज हुआ था। मंसूरपुर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक ने यह मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि वह परिवार के साथ उत्तराखंड के रुड़की के पास औद्योगिक की एक फैक्टरी में ठेकेदार के रूप में कार्य करता था। उसके पास नदीम नामक युवक मजदूरी करता था। वह काम के सिलसिले में घर पर भी आता था। आरोप लगाया था कि इस दौरान नदीम और उसके साथी सलमान ने उसकी पत्नी को शादी का झांसा देकर धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाया।
यह भी पढ़ें: सीएम योगी से नौकरी बहाल कराने के लिए बर्खास्त होमगार्ड ने किया मासूम बच्चे का अपहरण और फिर...
पत्नी ने जानकारी दी तो ठेकेदार परिवार को लेकर अपने गांव आ गया। पीड़ित ने आरोप लगाया था कि आरोपी अभी भी उसे और उसकी पत्नी को धमकी दे रहे हैं। एसएसपी के आदेश पर यह मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस ने जांच के उपरांत धर्मांतरण अधिनियम की धारा को खत्म कर 31 दिसंबर को आरोपियों के खिलाफ मारपीट एवं गाली-गलौज की धारा के तहत कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी।
इन्होंने कहा...
जांच के दौरान वादी की पत्नी ने अपने ब्यान में ऐसा कुछ होने से इनकार किया है। उसके बयान के आधार पर धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम की धारा को खत्म किया है। आरोपियों के खिलाफ मारपीट के मामले की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की गई है।
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/