मुजफ्फरनगर। काली नदी के घाट पर अब पेड़-पौधों की बहार होगी। नदी की 60 बीघा जमीन पर वन विभाग 5500 पौधे लगा रहा है। इनमें फलदार वृक्षों के साथ शीशम और नीम भी शामिल हैं। एमडीए ने इसके लिए 32.65 लाख रुपया जारी किया है।
एसडीएम परमानंद झा ने बताया कि काली नदी की 60 बीघा जमीन को भूमाफिया के कब्जे से मुक्त कराया है। इस जमीन पर प्रशासन ने नदी की सुरक्षा और पर्यावरण की दृष्टि से पौधरोपण का निर्णय लिया है। डीएम सीबी सिंह ने एमडीए से 32 लाख 65 हजार रुपया वन विभाग को जारी कराया है। खाली जमीन को वन विभाग के सुपुर्द कर दिया गया है। इस जमीन पर वन विभाग आम, अमरूद, जामुन, शीशम, अर्जुन, नीम आदि के 5500 पौधे लगाने का जा रहा है।
डीएफओ कन्हैया पटेल ने बताया कि वन विभाग इस जंगल की तीन साल देखरेख करेगा। यहां पौधरोपण के साथ सिंचाई की व्यवस्था और वाचमैन की व्यवस्था भी की जा रही है। खाली कराई गई जमीन को कंटीले तारों से घेरा जा रहा है। तीन वर्ष बाद यह पूरा क्षेत्र जंगल के रूप में दिखाई देगा। शहर की आम जनता को घूमने के लिए अच्छा स्थान मिलेगा। पर्यावरण और नदी की सुरक्षा की दृष्टि से भी यह एक सकारात्मक कदम है।
दस दिन में लग जाएंगे पौधे: पटेल
डीएफओ कन्हैया पटेल ने बताया कि 5500 पौधे लगाने के लिए वन विभाग ने तैयारी पूरी कर ली है। इस समय गड्ढे खोदने का कार्य चल रहा है। दस दिन में पौधरोपण का कार्य पूरा हो जाएगा। तीन साल में यहां वन लहलहाता दिखाई देगा।
हमने रुपये जारी कर दिए है: प्रसाद
मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण के सचिव महेंद्र प्रसाद ने बताया कि नदी घाट की जमीन पर पौधरोपण और पौधों की सुरक्षा के लिए हमने 32.61 लाख रुपया वन विभाग को जारी कर दिया है।
विभागों का समन्वय बनाया: डीएम
डीएम सीबी सिंह ने बताया कि हमने विभागों का समन्वय बनाकर नदी घाट पर पौधरोपण का निर्णय लिया। पौधारोपण के खर्च की परेशानी को एमडीए से दूर कराया और कार्य की जिम्मेदारी वन विभाग को सौंपी है। यहां पौधरोपण समाज और राष्ट्रहित का कदम है।