फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मुजफ्फरनगर थप्पड़ कांड: सुप्रीम कोर्ट सख्त, खुब्बापुर पहुंचे मनोचिकित्सक, डर से पिता की गोद में छिप गया छात्र

Tue, 07 Nov 2023 09:11 PM IST
कपिल kapil संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर

सार

Muzaffarnagar Slap Case : मनोचिकित्सक की टीम ने पीड़ित छात्र से बातचीत करने की कोशिश की, लेकिन छात्र सामने नहीं आया। उन्होंने बताया कि छात्र डरते हुए छिप गया।
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर थप्पड़ कांड। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मुजफ्फरनगर के मंसूरपुर में पहाड़ा याद नहीं मिलने पर स्कूल में छात्र की सहपाठियों से पिटाई कराने के मामले में सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया है। जिला चिकित्सालय से मनोचिकित्सक की टीम खुब्बापुर पहुंची। उन्होंने पीड़ित छात्र से बात करने की कोशिश की, लेकिन पीड़ित बच्चा बात नहीं कर सका। करीब आधे घंटे बाद टीम लौट गई।

विज्ञापन


शाहपुर ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारी संजय भारती ने बताया कि मंगलवार को जिला चिकित्सालय से मनोचिकित्सक डॉ. अर्पण जैन और डॉ. मनोज कुमार खुब्बापुर पहुंचे थे। उन्होंने पीड़ित छात्र से बातचीत करने की कोशिश की, लेकिन छात्र सामने नहीं आया।

उन्होंने बताया कि छात्र डरते हुए छिप गया। काफी कोशिश के बाद भी छात्र से बात नहीं हो सकी। करीब 35 मिनट तक टीम पीड़ित के घर पर ही रही। इसके बाद दोनों चिकित्सकों ने छात्र के पिता इरशाद से बच्चे को समझाने की बात कही।

चिकित्सकों ने इरशाद से कहा कि वह बच्चे को समझाएं कि यह सब बातें दिमाग से निकाल दे, क्योंकि माता-पिता के समझाने से बच्चा जल्दी समझता है। चिकित्सकों ने पीड़ित परिवार को अगली बार जिला चिकित्सालय में ही आने की बात कही। उन्होंने कहा कि इस बात से भी फर्क पड़ता है कि टीम उनके घर पर पहुंच रही है। जब बच्चा गांव से बाहर जाएगा तो उसका दिमाग डायवर्ट होगा।

सुप्रीम कोर्ट कर रहा सुनवाई
पिछले महीने 24 अगस्त को अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र की पिटाई के बाद वीडियो वायरल हो गया था। महात्मा गांधी के पोते तुषार गांधी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में प्रकरण की सुनवाई चल रही है। बच्चे का अभी तक प्रवेश नहीं होने पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्ती दिखाई थी। बीएसए शुभम शुक्ला से भी जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 10 नवंबर को होगी।

यह था पूरा मामला
खुब्बापुर गांव के स्कूल में शिक्षिका तृप्ता त्यागी ने पांच का पहाड़ा नहीं सुनाने पर अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र की सहपाठियों से पिटाई करा दी थी। इसी दौरान जातीय टिप्पणी का भी आरोप है। प्रकरण के दौरान पीड़ित छात्र के चचेरे भाई ने वीडियो बना लिया। वीडियो के वायरल होते ही देशभर से प्रतिक्रियाएं आने लगीं और शिक्षिका की गिरफ्तार की मांग उठने लगी। आरोपी शिक्षिका पर अब एफआईआर दर्ज हो गई है। खुब्बापुर गांव के पीड़ित छात्र का अभी तक किसी स्कूल में प्रवेश नहीं हो सका है। जमीयत उलमा ने छात्र के घर पर शिक्षक भेजकर पढ़ाई शुरू करा दी है।

सरकार मदद करे तो करा सकते हैं पढ़ाई
छात्र के पिता इरशाद का कहना है कि उन्होंने अपने अधिवक्ता के माध्यम से दो स्कूलों के नाम दिए हैं। इनमें जिला मुख्यालय का शारदेन पब्लिक स्कूल और होली एंजल्स पब्लिक स्कूल है। अगर सरकार मदद करेगी तो इन दोनों स्कूलों में बच्चे को पढ़ा सकते हैं। पीड़ित ने कहा कि हम किसान हैं, निजी खर्च पर इन स्कूलों में पढ़ाना आसान काम नहीं होगा। यहां बच्चे को अच्छी शिक्षा दिलाने के लिए सरकार की मदद की जरूरत पड़ेगी।

यह भी पढ़ें: तलाकशुदा महिला की आपबीती: निकाह के झांसे में फंसाया, फिर होटल में लूटी आबरू, पीड़िता ने एसएसपी से लगाई गुहार
विज्ञापन

प्रवेश के लिए जमीयत ने की थी पहल
पीड़ित छात्र की पढ़ाई के लिए जमीयत ने पहल की थी। शाहपुर के स्कूल में प्रवेश प्रक्रिया को लेकर बात हो गई थी, लेकिन इस दौरान बच्चे की सुरक्षा और गांव से आने जाने को लेकर दोनों पक्षों ने चिंता जताई। इसके बाद यहां प्रवेश नहीं हो सका। इसके बाद एक शिक्षक घर पर जाकर ही बच्चे को पढ़ा रहा है।

यह भी पढ़ें: UP: क्यों हुआ मनीषा का मर्डर? ये है शातिर भाभी का सच, भाई के दिमाग में था बड़ा लालच, होश उड़ा देगी पूरी कहानी
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें