पहले करते थे रैकी, उसके बाद चुराते थे कार
दिल्ली व एनसीआर क्षेत्र में घूमकर रैकी कर कारों के आसपास के सभी रास्तों को देखने के बाद रात में एलन चाबी व स्कैनर डिवाइस की सहायता से कार का लॉक तोड़ कर व नई चाबी बनाकर कार चोरी करते थे। बाद में स्क्रैप वाली कार की आरसी एवं चेसिस नंबर को चुराई गाड़ी पर गोदकर आसपास के राज्यों में अच्छे दामों पर बेचकर पैसा बांट लेते थे।
आरोपियों ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि वह डिमांंड पर भी कारों को चोरी करते थे। कार के हिसाब से रकम वसूली जाती थी। अन्य कारों के बारे में जानकारी की जा रही है। शोएब के खिलाफ एक, शादाब के खिलाफ ग्यारह व शहजाद के खिलाफ दस मुकदमे दर्ज है।
अन्य आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जानकारी की जा रही है। आरोपियों से पांच तमंचे व एक चाकू भी बरामद हुआ है। यह गिरोह कारों को ले जाकर बेचने के लिए एकत्र हो रहा था।
वाहन स्वामियों से अपील
एसपी सिटी ने अपील कर कहा कि वाहन की सुरक्षा के लिए सजग रहे, क्योंकि चोर आधुनिक उपकरणों से केवल 30 सैकेंड में दो पहिया वाहन व 3-5 मिनट में चुपहिया वाहन चोरी कर लेते हैं। इसलिए वाहन में एंटी थेफ्ट लॉक, जीपीएस, एसओएस, टायर लॉक जैसे उपकरण अवश्य लगवाएं।