सभी धर्मों का सम्मान करने वाली शख्सियत
वह सभी धर्मों का बेहद सम्मान करते थे और सभी धर्मों आदर करते हुए कव्वाली के माध्यम से सभी को जोड़ने का प्रयास करते थे। उनकी कव्वाली ए राम रहीम के मतवालों, भाषा के लिए क्यों लड़ते हो, अल्लाह भी हिंदी जाने हैं भगवान भी उर्दू जाने हैं, काफी लोकप्रिय हुई। बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान भी उनके मुरीद थे। एक मुलाकात के दौरान सलमान को उन्होंने कव्वाली और शेरो शायरी सुनाई तो वह कायल हो गए। मां के ऊपर लिखा शेर ‘जिसकी छांव है सबके लिए, मैं वो मां का आंचल हूं’ को सलमान ने सराहा था।
मेरी कब्र के पत्थर पर हिंदुस्तान लिख देना
अहसान भारती अपने हर कार्यक्रम में शेर सुनाते थे। उनका सुनाया शेर ‘ये किसका मकबरा है दुनिया वाले जान जाएंगे, मेरी कब्र के पत्थर पर हिंदुस्तान लिख देना’। को खूब सराहा गया। वह बॉलीवुड में ब्रेक के लिए वह 10 साल तक संघर्ष करते रहे। इसके बाद उन्हें भोजपुरी फिल्मों में कव्वाली गाने का मौका मिला।
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