मुजफ्फरनगर। रोजा ए आशूरा को शिया सोगवारों ने इमामबारगाहों में ही नौहा ख्वानी और सीनाजनी कर इमाम हुसैन सहित करबला के 72 शहीदों को याद किया। मोहर्रम पर कोरोना संक्रमण के चलते इस बार भी शहर में मातमी जुलूस नहीं निकले।
इमामबारगाह में मजलिस का सिलसिला बदस्तूर जारी रहा। मिंबर ए रसूल से खतीब ए अहलेबैत ने वाकया करबला पर रोशनी डाली। करबला में इमाम हुसैन और उनके जानशीनों की दी गई कुर्बानी के बारे में सुन शिया सोगवार जार जार रोए। शिया सोगवारों ने इमाम बारगाहों में सीनाजनी कर इमाम हुसैन को याद किया। कोविड के कारण इस बार मुहर्रम पर मातमी जुलूस नहीं निकाले गए, इमाम बारगाहों में ही इमाम हुसैन को याद किया गया। बताया गया कि दुनिया में आतंकवाद के खिलाफ सबसे पहले हजरत इमाम हुसैन ने अपने परिवार और दोस्तों के साथ कुर्बानी दी। इमाम हुसैन ने सत्य के पक्ष में दीन को बचाने के लिए अरब देश के क्रूर एवं अन्यायी शासक का विरोध किया।
शवाब जैदी, नदीम जाफर जैदी, शबी रजा, मौहम्मद अली जैदी, बाबर अली, हसन रजा, अजहर अली आदि शामिल रहे। वहीं, शहर में भगत सिंह रोड पर कुछ शिया सोगवारों ने ताजियों को साथ लेकर टेंट लगा दिया था, ताकि यहां से ताजिये को करबला लेकर जाए। इसकी जानकारी मिलने पर पुलिस ने वहां से टेंट हटवाया दिया।
जिले भर में पुलिस तैनात रही
मुजफ्फरनगर। मोहर्रम के जुलूस पर पाबंदी के कारण शुक्रवार को शहर समेत जिले भर में शिया समुदाय के क्षेत्रों में पुलिस तैनात रही। शहर में खालापार, किदवईनगर, भगत सिंह रोड, लद्दावाला, मल्हूपुरा आदि क्षेत्र में भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात रहा। एसएसपी अभिषेक यादव ने भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
घर पर रहकर ही मातम किया
खतौली। मुहर्रम की दस तारीख को शिया सोगवारों ने इमाम हुसैन की याद में घर में ही मातम कर अपने आप को लहूलुहान किया। घर के अंदर ही अलम को सजाया गया। मातमी जुलूस नहीं निकाले गए। शेखपुरा स्थित हवा महल में अलम सजाया गया। मजलिस में मौलाना सादिक गढ़ी मुझेड़ा ने कहा कि इमाम हुसैन ने इस्लाम को जिंदा रखने के लिए और अपने नाना का दीन बचाने के लिए करबला में अपने कुनबे के लोगों के साथ कुर्बानी दी। करबला के वाक्यात सुनकर शिया सोगवार रोने लगे और उन्होंने इमाम हुसैन की याद में खूनी मातम किया। अंजुमन हैदरी, अंजुमन गढ़ी मुझेड़ा के सोगवार मौजूद रहे। मरसियाखानी शालू, समद, सलमान, आबिद ने की। हादी हुसैन, जावेद जैदी, अब्बास जैदी, समद जैदी, शहजाद, शब्बू, शालू, सलमान, शमी मुर्तजा, जानशीन ने मातम पुर्सी कर इमाम हुसैन को याद किया।
मीरापुर में कोविड गाइडलाइन के तहत मनाया मोहर्रम
मीरापुर। कोरोना के चलते शासन की गाइडलाइन के तहत मुहर्रम मनाया गया। शिया समाज के लोगों ने इमामबाड़ों में मजलिस करते हुए हजरत इमाम हुसैन व उनके साथियों की शहादत को याद किया। इस दौरान ताजिये इमामबाड़े में ही रखकर पारंपरिक रस्में पूरी की गईं। सैय्यद हैदर मेंहदी जैदी ने बताया कि ताजिया जुलूस इस बार नहीं निकाला गया है। नजीर हैदर जैदी, शबी हैदर जैदी, सज्जाद हैदर, हसन हैदर और मोहम्मद मुजफ्फर ने बताया कि समाज के लोगों ने शासन के निर्देशों का पूरी तरह पालन करते हुए इमामबाड़ों में ही अपनी सभी परंपराओं का निर्वहन किया।