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सीमित संसाधनों से कैसे काबू हों अग्निकांड ?

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भगत सिहं रोड संकरी गलियों में स्थित मीना बाजार। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
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तंग गलियों में हैं बाजार, आग बुझाने के नहीं इंतजाम
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मुजफ्फरनगर। जिला अग्निशमन विभाग सीमित संसाधनों के दम पर अग्निकांड की वारदातों से जूझ रहा है। जिला मुख्यालय होने के बावजूद न तो यहां पर्याप्त कर्मचारी हैं और न आग बुझाने के जरूरी संसाधन। अग्निशमन विभाग की गाड़ियां पुरानी हो चुकी हैं और हाइड्रेंट पंप सड़कों के नीचे दबकर नष्ट हो चुके हैं। संकरी गलियों में आग लगने की स्थिति में तो दमकल विभाग के पास सिवाय विकल्प तलाशने के कोई और उपाय ही नहीं है।
जिला मुख्यालय पर झांसी रानी चौक के निकट स्थित अग्निशमन विभाग सीमित संसाधनों के दम पर चल रहा है। आग की घटनाओं पर काबू पाने के लिए विभाग के पास काफी पुराने तीन मोटर फायर इंजन हैं, जिनमें से एक हमेशा खतौली में रहता है। इसके अलावा, चार सौ लीटर क्षमता की एक हाइजैक प्रेशर गाड़ी, देहात क्षेत्र के लिए एक कैंपर गाड़ी और फर्स्ट स्टेज की आग पर काबू पाने के लिए बुलेट बाइक ही उपलब्ध है। संकरी गलियों में लगने वाली आग पर काबू पाने के लिए तो सुविधाएं नगण्य हैं। न तो विभाग के पास छोटी गाड़ियां हैं और न ही घटनास्थल तक पहुंचने के लिए अन्य संसाधन। ऐसे में यदि शहर की संकरी गलियों में अथवा दाल मंडी, सराफा बाजार, खादरवाला, शिवपुरी, लोहिया बाजार, पंचमुखी, मोतीमहल, लद्दावाला, खालापार व अबूपुरा जैसे क्षेत्रों में आग लग जाए तो फिर विभाग के पास विकल्प तलाशने के सिवाय कोई अन्य चारा नहीं होता है। यही नहीं, दमकल विभाग के पास जरूरी स्टाफ भी नहीं है। चीफ फायर ऑफिसर के रूप में रमाशंकर तिवारी के साथ ही दो सेकेंड अफसर, तीन लीडिंग अफसर और पांच फायरमैन चालक हैं। फायर स्टेशन ऑफिसर का पद लंबे समय से रिक्त है।
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केस हिस्ट्री-
- मोहल्ला पंचमुखी में करीब एक साल पूर्व गद्दे व सेनेटरी के गोदाम में शॉर्टसर्किट से आग लग गई। संकरी गलियां होने के चलते जब तक फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने के जतन किए, तब तक इतनी देर हो चुकी थी कि दो मंजिला भवन पूरा आग की चपेट में आ गया। नतीजतन गोदाम में रखा लाखों का माल आग की भेंट चढ़ गया।
- रेलवे लाइन के पास स्थित मोहल्ला शिवपुरी में करीब चार साल पूर्व गद्दों के गोदाम में आग लग गई थी। दमकल विभाग संकरी गलियां होने के चलते जब तक मौके पर पहुंची, गोदाम में काम करने वाले दो मजदूर आग की चपेट में आकर जिंदा ही जलकर मर गए थे।
- करीब 12 साल पूर्व मोहल्ला खादरवाला में स्थित रूप फर्नीचर के शोरूम व कारखाने में आग लग गई थी। संकरी व अत्यधिक भीड़भाड़ वाला क्षेत्र होने के चलते दमकल विभाग काफी देर से घटनास्थल तक पहुंच सकी। इसके बाद घंटों की मशक्कत से आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक वहां काम करने वाले चार मजदूर जिंदा ही आग की लपटों की भेंट चढ़ गए थे।
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इन्होंने कहा ..........
सीएफओ रमाशंकर तिवारी का कहना है कि शासन स्तर से लगातार संसाधन बढ़ाने की मांग की जाती रही है। विभाग के पास जो बड़ी गाड़िय़ां हैं, वे काफी पुरानी हो चुकी हैं। हाइड्रेंट पंप अथवा नलकूूपों की कमी है। आग की बड़ी घटना होने पर फौरी तौर पर पानी उपलब्ध नहीं हो पाता। समय से आग पर काबू पाने के लिए जूझना पड़ता है।
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