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भांजी से दुष्कर्म के आरोपी मामा को दस साल की सजा

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मुजफ्फरनगर। चार साल पहले नाबालिग भांजी से दुष्कर्म के आरोपी मामा को अदालत ने दस साल कैद और 27 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। अभियुक्त मेरठ का रहने वाला है और चरथावल क्षेत्र में रहकर डीजे बजाने का काम करता था। विशेष पॉक्सो एक्ट के न्यायाधीश संजीव कुमार तिवारी ने फैसला सुनाया।
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पॉक्सो अदालत के विशेष लोक अभियोजक मनमोहन वर्मा और दिनेश कुमार शर्मा ने बताया कि चरथावल थाना क्षेत्र के वादी ने मुकदमा दर्ज कराया था कि 21 अप्रैल, 2017 को उसकी नाबालिग बेटी को उसका सगा मामा बाइक पर ले गया है। पुलिस ने तलाश की, लेकिन किशोरी बरामद नहीं हुई। 28 अप्रैल को वह पीड़िता को लेकर घर पहुंचा। पीड़िता ने परिजनों को बताया कि आगरा, मथुरा, वृंदावन समेत अन्य जगहों पर रखकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया है।
पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया और अभियुक्त को जेल भेज दिया। पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की। प्रकरण की सुनवाई विशेष पॉक्सो एक्ट के न्यायाधीश संजीव कुमार तिवारी ने की। मेरठ निवासी अभियुक्त जितेंद्र कुमार पर अदालत ने दोष सिद्ध किया। अभियुक्त को दस साल के कठोर कारावास और कुल 27 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
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बहन के घर डीजे बजाने का काम करता था आरोपी
मेरठ का रहने वाला आरोपी मामा चरथावल थाना क्षेत्र के गांव में अपनी बहन के घर पर रहकर डीजे बजाने का कार्य करता था। दो साल तक बहला-फुसलाकर वह किशोरी के साथ गलत कार्य करता रहा। इसके बाद घर से लेकर फरार हो गया था। वादी ने पीड़िता के सगे तीन मामाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। अदालत ने दो आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में दोष मुक्त किया है।
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