देवबंद। जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर के 2548वें निर्वाण महोत्सव में बुधवार को अंतिम दिन नगर में बैंडबाजों और भजन मंडली के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई। यात्रा का मुख्य आकर्षण स्वर्ण रथ पर विराजमान भगवान महावीर की मूर्ति रही।
जैन समाज एवं श्री दिगंबर जैन पंचायत समिति के तत्वावधान में शोभायात्रा श्री दिगंबर जैन पंचायती मंदिर नेचलगढ से प्रारंभ होकर एमबीडी चौक, मेन बाजार, हलवाई हट्टा और सराफा बाजार से होते हुए श्री 1008 भगवान पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर सरागवाड़ा पहुंची। जहां बनी पांडुकशिला पर इन्द्रों द्वारा 1008 कलशों से श्रीजी का अभिषेक कर प्रतिमा वेदी में विराजमान किया गया। यात्रा में दो बैंड, दो घोडे़, दो ऐरावत हाथी, दो लकड़ी के घोडे़, भरतपुर राजस्थान की भजन मंडली और अंत में सुशोभित भगवान महावीर का स्वर्ण रथ शामिल रहे। इसमें राजस्थान के भजन गायक अभिषेक की भजन मंडली ने प्रभु रथ पर हुए सवार नगाड़ा बाज रहा, कजरारे वीर प्रभु के मोटे मोटे नैन और महावीरा झूले पलना नित होले झोठा दीजौ भजन सुनाकर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। इस दौरान श्री पार्श्व क्लब एवं युवा जागृति मंच ने मनमोहक प्रस्तुति दी।
नेचलगढ़ मंदिर में बोलिया व भजन संध्या आयोजित
देवबंद। निर्वाण महोत्सव की कड़ी में मंगलवार रात्रि नेचलगढ जैन मंदिर में बोलिया व भजन संध्या का आयोजन किया गया। जिसमें भगवान को लेकर बैठने वाले ख्वासी बनने का सौभाग्य सुरेशचंद सुदेश कुमार जैन परिवार के प्रतीक जैन और रथ को लेकर चलने वाले सारथी बनने का सौभाग्य संदीप जैन, नमन जैन, रजत जैन को प्राप्त हुआ, साथ ही भगवान के रथ पर कुबेर बनने का सौभाग्य सतेंद्र बहादुर, ब्रिजेश जैन और दाएं इंद्र बनने का सौभाग्य मयंक जैन व बाएं इंद्र बनने का सौभाग्य मुक्तक जैन को प्राप्त हुआ। इस मौके पर अतुल जैन, धैर्य जैन, अनुज जैन, प्रांशु जैन, पारस जैन, हर्षित जैन, चंदनबाला जैन, नेहा जैन, सुनीता जैन, पायल जैन, सुदेश जैन, प्रवीण जैन, अजय जैन, अनुज जैन, मुकेश जैन, ऋषभ जैन, अर्पित जैन, लक्ष्य जैन, रविन्द्र जैन, संयम जैन आदि मौजूद रहे।