बुजुर्ग की हत्या में पत्नी और उसके प्रेमी को उम्रकैद
मुजफ्फरनगर। चार साल पहले बुजुर्ग की गोली मारकर हत्या के मामले में अदालत ने पत्नी और उसके प्रेमी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। प्रकरण की सुनवाई एडीजे-14 संदीप गुप्ता ने की। दोनों पर एक-एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। जेल में बिताई गई अवधि भी सजा में शामिल रहेगी।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अमित कुमार त्यागी ने बताया कि संधावली निवासी राशिद ने मंसूरपुर थाने पर मुकदमा दर्ज कराया था कि 4, 5 मार्च 2017 की रात बदमाश घर में घुसे और लूटपाट के बाद उसके पिता को साथ ले गए थे। करीब एक घंटे बाद गांव के ही एक खेत से उसके पिता यासीन का गोली लगा शव बरामद हुआ था। यामीन के दूसरे बेटे दिलशाद ने भी तहरीर दी थी, जिसे पुलिस ने विवेचना में शामिल कर लिया था। दूसरे बेटे ने वारदात की वजह पारिवारिक विवाद बताया था। पुलिस ने जांच की तो यामीन की पत्नी आमना और उसके प्रेमी सुजडू़ निवासी आरिफ उर्फ दीवान पुत्र अंसार का नाम प्रकाश में आया था। एडीजीसी ने बताया कि मंगलवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-14 संदीप गुप्ता ने दोनों अभियुक्तों को हत्या के मामले में उम्रकैद और एक-एक लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड जमा नहीं करने पर दोनों को दो-दो साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अभियुक्त आरिफ उर्फ दीवान को धारा 3/25 आयुध अधिनियम में दो वर्ष छह माह के कारावास की सजा सुनाई गई। अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में 21 गवाह पेश किए।
अदालत में आमना बोली, बुजुर्ग हूं
सजा के प्रश्न पर सुनवाई के दौरान आमना ने कहा कि वह बुजुर्ग है, उसे कम से कम सजा मिलनी चाहिए। कोर्ट ने प्रकरण को गंभीर मानते हुए उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अभियुक्त दीवान ने कहा कि वह मजदूर है। इस वजह से उसे कम से कम अर्थदंड और सजा दी जानी चाहिए। अदालत ने तर्क सुनकर अभियोजन की दलील मानते हुए अभियुक्त को उम्रकैद की सजा दी।