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किसान महापंचायत : एक दिलचस्प इतिहास ...अगर भाकियू ने दोहराया तो भाजपा के लिए खतरे की घंटी

Mon, 06 Sep 2021 01:46 AM IST
कपिल kapil रणवीर सैनी, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर

सार

किसान महापंचायत के बाद एक बड़ा इतिहास सामने आया है। खास बात यह है कि अगर इस बार भी भाकियू ने अपना इतिहास दोहरा दिया तो भाजपा के लिए खतरे की घंटी है। जानिए ऐसा क्या इतिहास है जिससे यूपी में सत्ता परिवर्तन हो सकता है।
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kisan Mahapanchayat in muzaffarnagar - फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में किसानों की महापंचायत जिस सरकार के खिलाफ हुई, वह सरकार चली गई। 2003 से लेकर 2013 की पंचायतों का यही इतिहास है। अब देखना यह है कि 2021 में हुई इस महापंचायत के 2022 के चुनाव में क्या परिणाम होंगे।

भारतीय किसान यूनियन से जुड़े किसान जिस सरकार के खिलाफ एकजुट हुए हैं, वह सरकार सत्ता से बाहर होती रही है। कारण कुछ भी बना हो, लेकिन इतिहास यही है। चार फरवरी 2003 में जीआईसी के मैदान पर भाकियू की महापंचायत बसपा की मायावती सरकार के खिलाफ हुई थी। भाकियू अध्यक्ष चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत पर कलेक्ट्रेट में हुए लाठीचार्ज के विरोध में किसान जुटे थे। इसके बाद हुए चुनाव में मायावती सत्ता से बाहर हो गई थीं।
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किसान महापंचायत के दौरान कुछ ऐसा नजर आया फ्लाईआवर का नजारा - फोटो : अमर उजाला
वहीं आठ अप्रैल 2008 को जीआईसी के मैदान में बसपा सरकार के खिलाफ बड़ी पंचायत हुई थी। भाकियू अध्यक्ष चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत के बयान के बाद उन्हें सिसौली से गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद इस पंचायत का आयोजन हुआ था।
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महापंचायत में शामिल किसान नेता - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद 2012 में चुनाव हुए, जिसमें बसपा सत्ता से बाहर हो गई। प्रदेश में सपा की सरकार आई। जिले में कवाल कांड के बाद भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने सात सितंबर 2013 को नंगला मंदौड में पंचायत बुलाई।

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उमड़ा किसानों का जनसैलाब - फोटो : अमर उजाला
इस महापंचायत के बाद जिले में हुए दंगे ने भाकियू को व्यथित जरूर किया, लेकिन जन आक्रोश के चलते 2017 में सत्ता परिवर्तन हो गया और प्रदेश में भाजपा की सरकार आ गई। 
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हुक्का पीते किसान - फोटो : अमर उजाला
अब 2022 में चुनाव होने हैं और एक बार फिर यह महापंचायत हुई है। किसान संगठन भाजपा की योगी सरकार को उखाड़ने की बात भी कर रहे हैं। अब देखना यह है कि भाकियू अपना इतिहास दोहराती है, या भाजपा फिर से अपनी सरकार बना पाती है।
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