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किसान महापंचायत: हालात बेकाबू, सिर पर टोपी... हाथ में झंडा, हर तरफ थी सिर्फ एक ही मांग

Mon, 06 Sep 2021 01:20 AM IST
कपिल kapil आनंद प्रकाश, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
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kisan Mahapanchayat in muzaffarnagar - फोटो : अमर उजाला
सिर पर टोपी हरी, हाथ में किसी के सफेद झंडा तो किसी के लाल और हरा। संगठन भी एक नहीं, बल्कि अनेक। कोई यूपी से तो कोई हरियाणा और पंजाब से। यहां तक कि पश्चिम बंगाल से भी लोग पहुंचे। हर प्रदेश के किसान अपनी संस्कृति के अनुरूप वेशभूषा में थे। पंचायत स्थल पर दूर तक यही नजारा था, जिससे भांति भांति के रंग के झंडों से पटा सैलाब नजर आ रहा था। बावजूद सबकी जुबां पर एक ही बात थी, कृषि कानूनों को वापस लो।

रविवार को मुजफ्फरनगर में राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) के मैदान पर महापंचायत में किसानों के बीच एक लघु भारत सिमट आया। जितने लोग जीआईसी के मैदान पर करीब उतने ही बाहर सड़क पर आ जा रहे थे। इनमें जोश देखते ही बन रहा था। किसानों के जत्थे अपनी अलग वेशभूषा में भी थे। भाकियू उग्राहू की महिलाएं पीले रंग का दुपट्टा ओढ़कर पहुंची, जिनके हाथों में झंडे भी हरे और पीले रंग के थे। इन महिलाओं में बलजीत कौर, अमरजीत कौर संगरूर (पंजाब) से करीब 80 महिलाओं के साथ पहुंची। पश्चिम बंगाल से ऑल इंडिया किसान सभा के सच्चिदानंद कंडारी, सोमनाथ सिंह, राजूब अली और श्यामलाल आदि लाल झंडा और बैनर लेकर पहुंचे। उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल में धान, आलू और जूट की फसल ज्यादा होती है, लेकिन वाजिब दाम नहीं मिलता, कट मनी का खेल पूरे प्रदेश में चलता है, जिस कारण किसान आत्महत्या करने को मजबूर होते हैं।
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महापंचायत में पंजाब के किसानों की संख्या रही ज्यादा - फोटो : अमर उजाला
इसी तरह मध्य प्रदेश के सतना जिले से श्रीकांत द्विवेदी रामजीत रीवा आदि करीब 500 लोग पहुंचे, जिनका कहना था कि कृषि कानूनों के विरोध में सात माह से तहसील रामपुर में धरना दे रहे हैं। आज पूरे देश का किसान तीनों कानूनों के खिलाफ है, सरकार को किसानों की बात माननी होगी। क्रांतिकारी संगठन की सुखविंदर कौर ने बताया कि करीब 500 महिलाएं पटियाला से इस संगठन की आई हैं, जो हरा दुपट्टा ओढ़कर पहुंची। इस तरह से महापंचायत स्थल पर झंडे, कपड़ों और बैनर में रंगों का समावेश था, लेकिन मुद्दा सभी का एक था कि कृषि कानूनों को सरकार थोप रही है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे।
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उमड़ा किसानों का जनसैलाब - फोटो : अमर उजाला
कर्नाटक, तामिलनाडू और आंध्रप्रदेश से आई महिला किसान
कर्नाटक से आई महिला किसान रंजना स्वामी, बिंदु अमनी, अन्ना सुई अम्मा, नलनी आदि ने बताया कि तीन दिन पहले ट्रेन से हजारों किलोमीटर का सफर तय करके महापंचायत में भाग लेने के लिए आए हैं। यह किसानों के हकों की लड़ाई है, जिसमें हमारे प्रदेश के किसानों की शत प्रतिशत भागीदारी होगी। आंध्र प्रदेश से आई महिला किसान संगठन जिला अध्यक्ष चीतुरू, हेमलता ने कहा कि भाजपा सरकार किसानों का उत्पीड़न कर रही है। हर राज्य का किसान खुद को ठगा महसूस कर रहा है।

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पंचायत को संबोधित करते भाकियू राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत - फोटो : अमर उजाला
किसानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा
हरियाणा के हिसार से आए रोहताश सुंदर आदि ने अपने प्रदेश में किसानों पर किए गए लाठीचार्ज की निंदा की। कई किसान आंदोलन में अपने प्राणों की आहुति दे चुके हैं, यह बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा।
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पंचायत को संबोधित करते भाकियू राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत - फोटो : अमर उजाला
लड़ाई पूंजीपतियों के खिलाफ
पंजाब आभोर जिलाध्यक्ष प्रगट सिंह महामंत्री जगत सिंह ने बताया कि यह लड़ाई पूंजीपतियों और भाजपा सरकार से है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दोस्तों के साथ देश के किसानों को तीन काले कानूनों के माध्यम से लूटकर पूंजीपतियों की तिजोरी भरने में लगे हैं।
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हुक्का सुलगाते किसान - फोटो : अमर उजाला
मजदूर किसान बर्बादी के कगार पर
उत्तराखंड के जिला हरिद्वार इंकलाब मजदूर एकता संगठन जिलाध्यक्ष पंकज कुमार ने बताया कि भाजपा सरकार में मजदूर किसान दोनो बर्बादी की कगार पर खड़े है। अमृतसर पंजाब से आए संतनाम सिंह चंदेर का कहना था कि किसानों को गुलामी की बेड़ियों मे जकड़ने के लिए भाजपा सरकार असफल प्रयास करने में जुटी है। इसको आंदोलन के जरिये किसान एकजुटता के बल पर कुचल देगा। आने वाले चुनाव में सरकार में किसान की ताकत की वोट ऐसी चोट देगी, जिससे देश के हर प्रदेश मे भाजपा का बंटाधार हो जाएगा।
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किसान महापंचायत - फोटो : अमर उजाला
प्रदेश भर से पहुंचे किसान
कानुपर देहात से आए किसान संगठन मंडल अध्यक्ष रमेश, जिलाध्यक्ष रमेश तिवारी आदि सैकड़ों महिलाओं के साथ महापंचायत में भाग लेने आए। शाहजहांपुर से रंजीत सिंह धालीवाल भी सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ महापंचायत स्थल पहुंचे। हरियाणा की नवजोत कोर ने ट्रैफिक पुलिस कर्मी को रोकने पर जमकर खरी खोटी सुनाई। जिला सोनीपत से आई वृद्ध किसान महिला अपने पौत्र गुरप्रीत के साथ महावीर चौक पहुंची तो ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक पुलिस कर्मी ने बाईक से जाने से मना कर दिया। नवजोत कौर ने गुस्सा दिखाते हुए कहा कि मर तो सकती हूं, लेकिन वापस नहीं जाऊंगी।
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