बेगुनाहों को मारना सबसे बड़ा पाप : मौलाना जैगम
मोरना/ककरौली (मुजफ्फरनगर)। इमामबाड़ा दीवानखाना ककरौली में शुक्रवार को मजलिस का आयोजन किया गया। मजलिस को खिताब करते हुए प्रयागराज से आए मौलाना जैगम उल रिजवी ने कहा कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता, ना ही यह किसी का सगा होता है। बेगुनाहों को मारना दुनिया में सबसे बड़ा पाप है।
ककरौली स्थित इमामबाड़ी दीवानखाना में आयोजित शिया समाज की मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना जैगम उल रिजवी ने कहा कि देश के अमन चेन के लिए अगर अपनी कुर्बानी देनी पड़े, तो अपने कदम कभी पीछे मत खींचने चाहिए। जो अपनी कौम, समाज और देश के लिए अपनी जान देते है, वही शहीद कहलाते हैं। शिक्षा के लिए बेटा-बेटियों में कभी फर्क न करें। शिक्षा ही विकास का मुख्य आधार है। दुखी और परेशान के साथ ही गरीबों की सेवा करने वाले लोग हमेशा दुआओं में याद किए जाते हैं। कुरान को पढ़ें और उस पर चलकर इल्म हासिल करें। दूसरे धर्मों की कभी निंदा नहीं करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि देश और समाज का दुश्मन कभी अपना नहीं हो सकता, वह हमेशा गद्दारी करता है और उसे किसी भी धर्म में कोई जगह नहीं मिलती। दिल्ली, लखनऊ, मुरादाबाद, अमरोहा, नोएडा, गुड़गांव हरियाणा, पानीपत, मेरठ, बिजनौर, मुजफ्फरनगर सहित राजस्थान व मुंबई से आए शिया समाज के लोगों ने मजलिस में भाग लिया।