मुजफ्फरनगर में मुठभेड़ में तीन बदमाश गिरफ्तार
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मुजफ्फरनगर के अलमासपुर गांव से चार दिन पहले सात वर्षीय बच्चे का अपहरण कर दस लाख की फिरौती मांगने वाले तीन बदमाशों को पुलिस ने शुक्रवार देर रात मुठभेड़ में दबोच लिया। अपहृत बच्चे को भी बागोवाली ईंट-भट्ठे से सकुशल बरामद कर लिया गया है। मुठभेड़ में तीन बदमाश और दो पुलिसकर्मी गोली लगने से घायल हुए हैं। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के गांव अलमासपुर से चार दिन पूर्व सात साल के बच्चे वंश पुत्र मोनू का अपहरण कर लिया गया था। पुलिस शुरू में मामले तो दंपती विवाद से जोड़कर देख रही थी। तीन दिन बाद सीसीटीवी फुटेज चेक की गई तो सामने आया कि बाइक सवार दो युवक बच्चे को अपने बीच में बैठाकर ले जा रहे हैं। यह फुटेज मिलने के बाद पुलिस हरकत में आई और मामले को अपहरण मानते हुए जांच शुरू की। इस दौरान पुलिस को पता चला कि बच्चे के पिता मोनू से दस लाख रुपये की फिरौती मांगी गई है।
एसएसपी अभिषेक यादव ने बताया कि शुक्रवार देर रात गांव बागोवाली स्थित ईंट-भट्ठे पर अपहरणकर्ताओं के अपहृत बच्चे के साथ मौजूद होने की जानकारी मिली। नई मंडी इंस्पेक्टर अनिल कपरवान, इंस्पेक्टर क्राइम सुशील सैनी के नेतृत्व में टीम गठित कर कार्रवाई के आदेश दिए गए। पुलिस टीम देर रात बागोवाली ईंट-भट्ठे पर पहुंची तो पुलिस को देखते ही बदमाशों ने फायरिंग कर दी, जिससे टीम में शामिल हेड कांस्टेबल हरवेंदर और सर्विलांस प्रभारी सोनू गोली लगने से घायल हो गए। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में मौके पर मौजूद तीनों बदमाश गोलियां लगने से घायल हो गए, जिसके बाद एक कमरे में बंधक बनाए गए अपहृत बच्चे वंश को भी सकुशल बरामद कर लिया गया। एसएसपी ने बताया कि घायल बदमाशों में गांव कुटबा-कुटबी निवासी सुनील, दीपक और अलमासपुर निवासी मोहित शामिल हैं। तीनों बदमाशों और घायल पुलिसकर्मियों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बच्चे के पिता को मिले थे जमीन मुआवजे के 50 लाख रुपये
वंश के माता-पिता के बीच विवाद होने के कारण वह अपनी मां के साथ गांव अलमासपुर में ननिहाल में रह रहा है। उसके पिता मोनू शाहपुर क्षेत्र में रहते हैं। पुलिस शुरुआत में दंपती विवाद को अपहरण की वजह मान रही थी। इंस्पेक्टर अनिल कपरवान ने बताया कि बच्चे के पिता मोनू की कुछ जमीन का रेलवे फ्रेट कॉरिडोर के लिए अधिग्रहण हुआ है। उसे करीब 50 लाख का मुआवजा मिला था। इसकी जानकारी बदमाशों को लग गई, जिसके चलते बच्चे का अपहरण कर दस लाख रुपये वसूलने की योजना बनाई गई थी।