सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद लखनऊ से डिप्टी डायरेक्टर राजेंद्र प्रसाद सिंह और परियोजना विशेषज्ञ गुरुविंदर सिंह ने बीएसए पहुंचकर छात्र को कक्षा दो में प्रवेश दिलाया था।
इसके बाद खंड शिक्षा अधिकारी शाहपुर संजय भारती ने बाजार से छात्र को किताबें और यूनिफॉर्म दिलाई थी। डिप्टी डायरेक्टर ने छात्र के पिता इरशाद को कुछ दिन आने-जाने की व्यवस्था करने की बात कही थी।
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सर्दी में बाइक से आवागमन संभव नहीं
खुब्बापुर गांव के पीड़ित छात्र के पिता इरशाद का कहना है कि वह कुछ दिन तक बाइक से ही अपने बेटे को स्कूल में आना-जाना करेंगे। हालांकि उन्होंने कहा कि सर्दी में बाइक पर रोजाना सुबह और दोपहर में आवागमन करना उचित नहीं है।
इसलिए प्रशासन जल्द से जल्द छात्र के परिवहन की सुविधा करे। लखनऊ से पहुंचे अफसरों ने उनसे कुछ दिन तक व्यवस्था करने की बात कही थी। इसलिए वह अभी बाइक से ही बेटे को स्कूल में छोड़ेंगे और लेकर जाएंगे। इरशाद ने कहा कि रोजाना आने-जाने पर उसका काम भी प्रभावित होगा।
यह था पूरा मामला
खुब्बापुर गांव के स्कूल में शिक्षिका तृप्ता त्यागी ने पांच का पहाड़ा नहीं सुनाने पर अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र की सहपाठियों से पिटाई करा दी थी। इसी दौरान जातीय टिप्पणी का भी आरोप है। प्रकरण के दौरान पीड़ित छात्र के चचेरे भाई ने वीडियो बना लिया।
वीडियो के वायरल होते ही प्रतिक्रियाएं आने लगीं और शिक्षिका की गिरफ्तार करने की मांग उठने लगी। आरोपी शिक्षिका पर अब एफआईआर दर्ज हो गई है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के पोते तुषार गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी, जिसका सुनवाई 11 दिसंबर को होगी।