सियासी गलियों में मुस्लिम बूथों और मतदाताओं को लेकर खूब आंकड़ेबाजी और कयास लगाए जा रहे हैं। गठबंधन की ओर से चुनाव आयोग को चिट्ठी से जाहिर हो गया है कि मुस्लिमों की चाल पर सभी राजनीतिक दलों की निगाह है। गठबंधन का सियासी समीकरण मुस्लिम बाहुल्य गांव के मतदान प्रतिशत पर भी टिका है। यही वजह है कि रालोद अध्यक्ष जयंत सिंह ने सोमवार को मुस्लिम लोगों से मुलाकात की।
जातीय समीकरण साध रहे राजनीतिक दल
खतौली उप चुनाव में भाजपा और गठबंधन ने जातीय गणित साधने की तैयारी की है। जातियों के हिसाब से ही जनप्रतिनिधियों को जिम्मेदारी दी गई है। देखने वाली बात यह होगी कि उप चुनाव में जातीय गणित का फार्मूला कितना कामयाब रहेगा।
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बसपा के मैदान छोड़ने से रोचक हुआ मुकाबला
मुख्य चुनाव में दलित बहुल बूथों पर बसपा को खूब वोट मिले थे। मगर, इस बार बसपा प्रत्याशी मैदान में नहीं है। देखने वाली बात यह होगी कि अनुसूचित जाति के वोट किसके हिस्से में आते हैं।