मुजफ्फरनगर। चुनावी नतीजे राजनीतिक दलों और नेताओं की प्रतिष्ठ का सवाल है। भाजपा के सामने 2017 के प्रदर्शन को दोहराने की चुनौती है, जबकि सपा-रालोद गठबंधन वापसी की जद्दोजहद में जुटा है। गठबंधन ने छह में से पांच सीटों पर रालोद के सिंबल पर प्रत्याशी उतारे थे, अब नतीजे बताएंगे कि इसका कितना राजनीतिक लाभ मिलता है। बसपा और कांग्रेस प्रत्याशियों का प्रदर्शन मुकाबलों को दिलचस्प बना सकता है।
दिल्ली की सीमाओं पर 13 महीने चले किसान आंदोलन का सबसे अधिक असर बुढ़ाना विधानसभा पर नजर आया। भाजपा ने विधायक उमेश मलिक को इस सीट से लगातार तीसरी बार टिकट दिया, जबकि रालोद-सपा गठबंधन ने पूर्व विधायक राजपाल बालियान को मैदान में उतारा। बालियान पहले दो बार खतौली से विधायक रह चुके हैं। इस सीट पर कांग्रेस के देवेंद्र कश्यप और बसपा से अनीस ने चुनाव लड़ा है। नतीजों पर सबकी निगाह टिकी हुई है।
चरथावल विधानसभा सीट से भाजपा ने दिवंगत मंत्री विजय कश्यप की पत्नी सपना कश्यप को मैदान में उतारा। जबकि सपा-रालोद गठबंधन से दो बार के विधायक पंकज मलिक ने चुनाव लड़ा। केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान का गांव इसी विधानसभा में है। चुनाव के दौरान पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक ने अपने बेटे पंकज के लिए पूरी ताकत झोंक दी।
मुजफ्फरनगर सदर सीट से भाजपा ने कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल को टिकट दिया, जबकि सपा-रालोद गठबंधन ने सौरभ स्वरूप बंटी को मैदान में उतारा था। कांग्रेस ने सुबोध शर्मा और बसपा ने पुष्पांकर पाल पर दांव खेला। सीट इस बार कयासों और अटकलों में फंसी हुई है।
खतौली विधानसभा सीट पर भाजपा ने विधायक विक्रम सैनी और सपा-रालोद गठबंधन ने पूर्व सांसद राजपाल सैनी को मैदान में उतारा था। बसपा से चुनाव लड़े पूर्व विधायक करतार भड़ाना ने यहां मुकाबले को रोचक बना दिया है। बसपा को मिलने वाले वोटों पर सबकी निगाह रहेगी।
मीरापुर विधानसभा में 2017 का मुकाबला सियासी गलियारों में आज भी चर्चा का विषय है। तब भाजपा से चुनाव लड़े अवतार भड़ाना सिर्फ 193 वोटों से चुनाव जीते थे। इस बार भाजपा ने यहां से पूर्व एमएलसी प्रशांत चौधरी को मैदान में उतारा, जबकि गठबंधन ने चंदन चौहान पर दांव खेला। बसपा ने सालिम और कांग्रेस ने पूर्व विधायक मौलाना जमील को चुनाव लड़ाया। यहां इस बार भी कड़े मुकाबले के आसार हैं।
पुरकाजी सुरक्षित सीट पर भाजपा ने विधायक प्रमोद उटवाल पर भरोसा जताया, जबकि सपा-रालोद गठबंधन ने दो बार के विधायक अनिल कुमार को मैदान में उतारा था। बसपा के सुरेंद्र कुमार एडवोकेट ने भी मजबूती से चुनाव लड़ा, जिससे मुकाबला दिलचस्प होने के आसार हो गए हैं।
दांव पर बालियान, मलिक और अग्रवाल की प्रतिष्ठा
जिले की छह विधानसभा सीटों पर राजनीतिक दलों और नेताओं की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी है। केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान, पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक और कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने चुनाव में पूरी ताकत झोंक दी थी। नतीजे भविष्य की राजनीति भी तय करेंगे।
नतीजे आएंगे, इन पर रहेगी सबकी निगाह
आज नतीजे आएंगे। जिन नेताओं पर सबकी निगाह टिकी होगी, उनमें पुरकाजी से कांग्रेस के उम्मीदवार पूर्व मंत्री दीपक कुमार, रालोद के दो बार के विधायक राजपाल बालियान, चरथावल से प्रत्याशी और दो बार के विधायक पंकज मलिक, पुरकाजी से प्रत्याशी अनिल कुमार, खतौली से प्रत्याशी पूर्व सांसद राजपाल सैनी, मीरापुर से चुनाव लड़े पूर्व एमएलसी प्रशांत चौधरी, खतौली के पूर्व विधायक करतार भड़ाना के प्रदर्शन पर सबकी निगाह रहेगी।
राजपाल सैनी।- फोटो : MUZAFFARNAGAR
चंदन चौहान।- फोटो : MUZAFFARNAGAR
उमेश मलिक।- फोटो : MUZAFFARNAGAR
सपना कश्यप।- फोटो : MUZAFFARNAGAR
कपिल देव।- फोटो : MUZAFFARNAGAR
प्रमोद उटवाल।- फोटो : MUZAFFARNAGAR
विक्रम सैनी।- फोटो : MUZAFFARNAGAR
प्रशांत चौधरी।- फोटो : MUZAFFARNAGAR