क्या कहते हैं ग्रामीण
ग्राम प्रधान राजपाल का कहना है कि जंगल में गंगा का पानी आ जाने के कारण पशुओं के चारे की समस्या गहरा गई है, जिस कारण ग्रामीण बहुत परेशान है।
जीवनपुरी निवासी आशीष शर्मा ने बताया कि गंगा बैराज के पानी निकासी की क्षमता सात लाख क्यूसेक है और फिलहाल गंगा बैराज में तीन से चार लाख क्यूसेक पानी से ही खादर क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति बन जाती है। खादर क्षेत्र में बाढ़ आने का मुख्य कारण गंगा बैराज के सभी गेटों के सामने पांच से सात मीटर तक रेत की भारी परत जम गई है, जब तक गेटों के सामने से रेत की परत नहीं हटाई जाएगी, बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होती रहेगी। ग्रामीणों द्वारा कई बार मामले की शिकायत प्रशासनिक अधिकारियों से की गई, लेकिन आज तक समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ है।
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शासन को बताया खादर का हाल
जिला पंचायत अध्यक्ष वीरपाल निर्वाल ने बताया कि खादर क्षेत्र में जाकर मेरे द्वारा किसानों की समस्याओं को देखा और सुना गया है। इसकी पूरी रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी जाएगी।