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पश्चिमी यूपी में उफान पर गंगा: दर्जनों गांवों में घुसा पानी, फसलें हुईं बर्बाद, मुश्किल में ग्रामीणों की जान

Wed, 20 Oct 2021 07:42 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर

सार

गंगा बैराज का जलस्तर बढ़ने से मुजफ्फरनगर के दर्जनों गांवों में पानी घुस गया है। कई गांवों में फसलें बर्बाद हो गईं हैं। वहीं ऐसे में ग्रामीणों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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घरों में घुसा पानी। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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पहाड़ी क्षेत्रों में हुई भारी बारिश के कारण गंगा बैराज का जलस्तर दूसरे दिन भी चेतावनी बिंदुसे ऊपर बह रहा है। खादर क्षेत्र के कई गांवों में पानी ग्रामीणों के घरों तक पहुंच गया है। जिला पंचायत अध्यक्ष वीरपाल निर्वाल खादर क्षेत्र में पहुंचे और प्रभावित लोगों का हाल जाना। सिंचाई विभाग के जेई पीयूष कुमार का कहना है कि चार बजे हरिद्वार गंगा बैराज से 2,26,011 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।

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गंगा बैराज का जलस्तर दूसरे दिन भी चेतावनी बिंदु 219 से ऊपर 219.90 पर बह रहा है। खादर क्षेत्र के गांव जीवनपुरी, रामपुर ठकरा, लालपुर, हंसावाला, इशाक वाला सहित कई दर्जन गांव के जंगल सहित गंगा का पानी ग्रामीणों के घरों तक पहुंच गया है। गांव में गंगा का पानी पहुंच जाने के कारण ग्रामीणों को बाढ़ की आशंका सताने लगी है। क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना है कि जंगल में पानी आ जाने के कारण उनकी गन्ने और अन्य फसल जलमग्न हो गई है। वही धान की 50 प्रतिशत परमाल और गोभी आदि की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। 

जिपं अध्यक्ष वीरपाल निर्वाल गांव जीवनपुरी पहुंचे और क्षेत्र के किसानों से पानी की स्थिति के बारे जानकारी ली। उन्होंने मौके पर ही प्रशासनिक अधिकारियों को किसानों की समस्याओं के बारे में अवगत कराया। एसडीएम जानसठ जयेंद्र कुमार ने बताया कि गंगा बैराज का जलस्तर बुधवार को कम हुआ है। खादर क्षेत्र के समस्त लेखपालों से हर घंटे की स्थिति की जानकारी ली जा रही है। खादर क्षेत्र में फिलहाल बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है। प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। 
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जीवनपुरी के ग्रामीणों आशीष शर्मा, अरुण, प्रदीप, रणधीर, जयपाल, रवींद्र आदि दर्जनों किसानों का कहना है कि मंगलवार को गंगा बैराज पर गंगा का जलस्तर 219.60 पर चल रहा था और बुधवार को गंगा का जलस्तर 219.90 पर चल रहा तो जलस्तर कैसे घट गया है।

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क्या कहते हैं ग्रामीण
ग्राम प्रधान राजपाल का कहना है कि जंगल में गंगा का पानी आ जाने के कारण पशुओं के चारे की समस्या गहरा गई है, जिस कारण ग्रामीण बहुत परेशान है।

जीवनपुरी निवासी आशीष शर्मा ने बताया कि गंगा बैराज के पानी निकासी की क्षमता सात लाख क्यूसेक है और फिलहाल गंगा बैराज में तीन से चार लाख क्यूसेक पानी से ही खादर क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति बन जाती है। खादर क्षेत्र में बाढ़ आने का मुख्य कारण गंगा बैराज के सभी गेटों के सामने पांच से सात मीटर तक रेत की भारी परत जम गई है, जब तक गेटों के सामने से रेत की परत नहीं हटाई जाएगी, बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होती रहेगी। ग्रामीणों द्वारा कई बार मामले की शिकायत प्रशासनिक अधिकारियों से की गई, लेकिन आज तक समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ है।

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शासन को बताया खादर का हाल
जिला पंचायत अध्यक्ष वीरपाल निर्वाल ने बताया कि खादर क्षेत्र में जाकर मेरे द्वारा किसानों की समस्याओं को देखा और सुना गया है। इसकी पूरी रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी जाएगी।
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