मुजफ्फरनगर। आठ साल पहले वर्ष 2013 में शहीद चौक खालापार में भड़काऊ भाषण देने के मामले में एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट ने पूर्व सांसदों और विधायको समेत सभी दस लोगों पर आरोप तय करने के लिए 28 अक्तूबर की तारीख लगाई है। मंगलवार को दस में से पांच आरोपी कोर्ट में पेश हुए, जबकि पांच आरोपी कोर्ट में पेश नहीं हुए।
वर्ष 2013 में 27 अगस्त को कवाल कांड को लेकर 31 अगस्त को मुस्लिमों ने खालापार के शहीद चौक बड़ी सभा की थी। जिसमें भड़काऊ भाषण देने मुकदमा दर्ज हुआ था। यह मुकदमा एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट में चल रहा है। मंगलवार को तारीख थी। कोर्ट में दस में से पांच आरोपी पूर्व विधायक मौलाना जमील अहमद, एडवोकेट असद जमा, सुल्तान मुशीर, मुशर्रफ कुरैशी, एहसान कुरैशी में पेश हुए। पूर्व बसपा सांसद कादिर राना, पूर्व कांग्रेस सांसद सईदुज्जमां, चरथावल के पूर्व विधायक नूर सलीम राना, सलमान सईद, नौशाद कुरैशी कोर्ट में पेश नहीं हुए, उनकी ओर से उनके अधिवक्ताओं द्वारा हाजिरी माफी के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया।
जिला शासकीय अधिवक्ता राजीव शर्मा ने बताया कि शहीद चौक खालापार में हुई पंचायत में भड़काऊ भाषण देने के मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश गोपाल उपाध्याय की अदालत एमपी, एमएलए स्पेशल कोर्ट में चल रही है। जिसमें मंगलवार को तारीख थी। आरोप निर्धारण के लिए 28 अक्तूबर की तारीख लगाई है। सभी दस आरोपियों को कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए गए है।