सरकारी व निजी अस्पतालों में बुखार से पीड़ित मरीजों की लंबी लाइन लगी हुई है। नगर एवं देहात क्षेत्रों में अब तक एक दर्जन से अधिक लोगों की मौत बुखार हो चुकी है। इस जानलेवा बुखार से लोगों में दहशत व्याप्त है। नगर एवं देहात क्षेत्रों में वायरल बुखार और चिकनगुनिया क बीमारी से एक दर्जन से अधिक महिलाओं, बच्चों व पुरुषों की मौत होने से लोग इस जानलेवा बुखार व बीमारी से पूरी तरह से दहशत में हैं। ऐसा कोई परिवार नहीं है, जिससे परिवार के सदस्य पीड़ित न हो। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बुखार व चिकनगुनिया से पीड़ित मरीजों की लंबी लाइन लगी हुई है।
इससे बुरा हाल निजी अस्पतालों का है। जिनमें काफी संख्या में पीड़ित मरीज भर्ती होकर अपना इलाज करा रहे हैं। जानसठ, मीरापुर, मोरना व मंसूरपुर क्षेत्र में भी एक दर्जन से अधिक लोगों की बुखार व चिकनगुनिया से मौत हो चुकी है। सीएचसी के मुख्य चिकित्सक डा. जेएस मिश्रा का कहना है कि अस्पताल में बुखार की पर्याप्त दवाइयां उपलब्ध हैं। चिकित्सक छुट्टी के दिन भी मरीजों को देख रहे हैं। इमरजेंसी में भी चिकित्सक अस्पताल में मौजूद रहते हैं। उनका कहना है कि घर में पानी उबाल कर पिए और बुखार की जरा सी हरकत होने पर तुरंत अस्पताल में चिकित्सक से चेकअप कराए। बिना चिकित्सक की सलाह के कोई दवाई ना लें।
बुखार से चार लोगों की मौत
पुरकाजी। के मोहल्ला दक्षिणी चमारान निवासी अधेड़ धारा सिंह को दो दिन पूर्व बुखार आया था। उसके परिजनों ने कस्बे के चिकित्सकों से ही उपचार कराया था, लेकिन तबीयत में सुधार ना होने पर परिजन बुधवार को उसे मेरठ ले जाने की तैयारी कर रहे थे। इसी बीच उसकी मौत हो गई। इसके अलावा इसी मोहल्ले का कृष्ण, मोहल्ला जाटान निवासी नफीस अहमद और यासीन एक सप्ताह से बुखार से पीड़ित थे, जिनका कस्बे के डॉक्टरों के यहां उपचार चल रहा था।
बुधवार को उनकी भी मौत हो गई। उधर, पुरकाजी कस्बे व आसपास क्षेत्र में अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग बुखार से पीड़ित हैं, जिनका विभिन्न स्थानों पर उपचार चल रहा है। लोगों का आरोप है कि इतने लोगों की मौत के बावजूद स्वास्थ्य विभाग के कानों पर जूं नहीं रेंग रही है। न कोई कैंप लगाए जा रहे हैं और न ही कोई उपचार की व्यवस्था है। गंदगी का आलम यह है कि नालों में गंदगी के ढेर लगे हुए हैं, जिससे कस्बे में मच्छरों की भरमार है।
रसूलपुर में बुखार से युवक की मौत
चरथावल में मुकेश (18) को आठ दिन पूर्व बुखार आया था। पहले परिजन मेरठ प्राइवेट नर्सिंगहोम में उपचार कराते रहे। हालत में सुधार होने के बाद वहां से गांव ले आए, लेकिन तीन दिनों पूर्व दोबारा बुखार ने जकड़ लिया। खौफजदा परिजन नाजुक हालत में उसे सफदरजंग हॉस्पिटल ले गए। वहां युवक ने बृहस्पतिवार को दम तोड़ दिया। तमाम औपचारिकता के बाद शव को गांव लाकर अंतिम संस्कार कर दिया गया। बताया गया कि उसके पिता की दो साल पहले बीमारी के कारण मौत हो गई थी।
खुड्डा में बुखार से दो लोगों की मौत
छपार। खुड्डा गांव निवासी 37 वर्षीय मुनीर पिछले एक सप्ताह से बुखार से पीड़ित था। हालत बिगड़ने पर उसे बुधवार को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया। गंभीर अवस्था में उसे मेरठ रेफर किया गया, जहां प्राइवेट अस्पताल में एक घंटा बाद ही उसकी मृत्यु हो गई। खुड्डा निवासी ही खालिद की 34 वर्षीय पत्नी इसरत तीन दिन से मेरठ ही उसी अस्पताल भर्ती थी, गुरुवार को सुबह उसने भी दम तोड़ दिया।
चौबीस घंटे में दो मौत होने से गांव में दहशत का माहौल है। सैकड़ों लोग अभी भी बुखार से पीड़ित हैं। दोनोंकी जांच में डेंगू की पुष्टि हुई है। इससे पूर्व गांव बसेडा में एक महिला सहित तीन लोगों की एक ही दिन में मौत हुई थी। एक व्यक्ति गांव खोजा नंगला में बुखार का शिकार हो चुका है। क्षेत्र में डेंगू, चिकनगुनिया एवं वायरल बुखार से आधा दर्जन लोगों से अधिक की मौत हो चुकी है। क्षेत्र के कई गांव बुखार की चपेट में हैं।