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शिक्षा, सुरक्षा, शोषण पर बेटियों ने पूछे डीएम से सवाल

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जिला पंचायत सभागार में हक की बात कार्यक्रम समस्या रखती महिलाएं। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
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मुजफ्फरनगर। मिशन शक्ति अभियान में बेटियों और महिलाओं ने जिलाधिकारी से सीधे हक की बात की। शिक्षा, सुरक्षा, यौन शोषण, घरेलू हिंसा पर सवालों की झड़ी लगा दी। डीएम सीबी सिंह और अन्य अधिकारियों ने सभी सवालों का जवाब दिया और बेटियों के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी।
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जिला पंचायत के चौधरी चरण सिंह सभागार में आयोजित ‘हक की बात जिलाधिकारी के साथ’ कार्यक्रम में महिलाओं और बच्चों ने स्थानीय समस्याओं के साथ ही यौन शोषण, घरेलू हिंसा, दहेज, आर्थिक समस्याओं, शिक्षा तक पहुंच की उपलब्धता की समस्या आदि पर डीएम से खुलकर बात की। महिलाओं ने ऐसी बहुत सी समस्याएं रखी, जिनसे अफसर अनजान थे। डीएम ने मौके पर ही निवारण को संबधित विभागों एवं अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए।
जिलाधिकारी से सीधे हक की बात करने के लिए जिले में डेडिकेटेड फोन लाइन, व्हाट्सएप आदि का प्रयोग किया गया। इस आयोजन से महिलाओं को अपनी समस्याओं को उचित फोरम पर उठाने का जहां मौका मिला वहीं अपनी बात को उठाने में आड़े आने वाली हिचक भी दूर हुई। महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन के लिए चलाये जा रहे %मिशन शक्ति को तृतीय फेस को माहवार मनाने का निर्णय लिया गया है। महिला कल्याण विभाग द्वारा मिशन शक्ति के तहत बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के साथ संयुक्त कार्ययोजना बनाकर इसे चलाया जा रहा है। कार्यक्रम का संचालन जिला प्रोबेशन अधिकारी मुशफेकीन ने किया। एसएसपी अभिषेक यादव, सीडीओ आलोक यादव, डीआईओएस गजेंद्र कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेश गोंड, काउंसलर समृद्धि त्यागी, बाल कल्याण समिति की अध्यक्षा बीना शर्मा, सदस्य डॉ राजीव कुमार आदि मौजूद रहे।
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गांव से बस नहीं, एग्जाम छूट गया
डीएम से खतौली के जसौला गांव की एक बेटी अंजलि सैनी ने शिकायत रखी कि नौ अगस्त को उसका पेपर था, गांव से बस नहीं है। बारिश हो रही थी वह साइकिल से सेंटर गई, लेकिन एक घंटा देर हो गई। वह आईएएस बनना चाहती है, कैसे बनेगी। उसका अकेली का नहीं गांव की अन्य बेटियों का सवाल भी है।
घर से निकलते ही लड़के करते हैं छेड़खानी
शहर की एक बेटी ने हक की बात में डीएम को बताया कि कॉलेज जाने के लिए जब वह घर से निकलती है तो कुछ लड़के पीछा करते हैं। कई बार शिकायत की कोई सुनता ही नहीं है। डीएम ने महिला थाना प्रभारी का तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए।
दुष्कर्म के मामलों में सुस्त कार्रवाई क्यों
शहर की एक बेटी इकरा अंसारी ने सिस्टम पर सीधा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि दुष्कर्म के मामलों में सुस्त कार्रवाई क्यों होती है। पुलिस की जांच और न्यायालय की प्रक्रिया इतनी लंबी हो जाती है कि पीड़िताओं को न्याय नहीं मिल पाता। आरोपियों को सीधा लाभ मिलता है। मासूम बेटियों की सुरक्षा की अधिक व्यवस्था होनी चाहिए।
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