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दिनदहाड़े ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं, तीन गोलियां लगने से एक व्यक्ति की हालत गंभीर

Thu, 31 Aug 2017 12:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
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मौके पर जांच करने पहुंचे पुलिस अधिकारी। - फोटो : अमर उजाला
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सीकरी के पूर्व प्रधान मोहम्मद अम्मार के हत्या सहित कई मामलों की पैरवी करने वाले ग्रामीण के भाई पर बुधवार सुबह ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दी गईं। तीन गोली लगने से उसे गंभीर अवस्था में जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। वारदात के समय वह चारा लेने जंगल गया था। हमले से इलाके में दहशत फैल गई। सूचना पर एसएसपी अनंत देव ने घटनास्थल पर पहुंचकर हमलावरों की तलाश में कांबिंग कराई। मौके से गोलियों के एक दर्जन खोखे बरामद हुए हैं। सीकरी में पहले से ही पीएसी तैनात है।       
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भोपा थाना क्षेत्र के गांव सीकरी निवासी  कसीम (48) अपने भतीजे शारिक, शाहजेब, जाहिद और गुलाम मोहम्मद के साथ बुधवार सुबह जंगल में चारा काटने गया था। इसी दौरान वहां आए आठ-दस हमलावरों ने उन पर फायरिंग कर दी। तीन गोली लगने से कसीम गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि  अन्य साथियों ने भागकर जान बचाई। फायरिंग की आवाज सुनकर ग्रामीण और परिजन घटनास्थल की ओर दौड़ पडे़,  जिन्हें आता देख हमलावर फायरिंग करते हुए फरार हो गए।

खबर मिलने पर पुलिस मौके पर आ गई। परिजनों ने घायल कसीम को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। सीकरी में ग्रामीण को गोली मारने की जानकारी पाकर एसएसपी अनंत देव तिवारी, एसपी देहात अजय सहदेव, सीओ भोपा मोहम्मद रिजवान, ककरौली, जानसठ पुलिस एवं पीएसी बल लेकर मौके पर पहुंचे। एसएसपी ने हमलावरों की तलाश में कांबिंग की, जिसमें मौके पर 315 और 12 बोर के करीब एक दर्जन खोखे पड़े मिले। एसएसपी ने थाना प्रभारी निरीक्षक विजय सिंह को हमलावरों की गिरफ्तारी और पीड़ित पक्ष को सुरक्षा देने के निर्देश दिए।       
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चुनावी रंजिश में हुआ हमला     
 भोपा। सीकरी गांव में चल रही चुनावी रंजिश में बुधवार को कसीम पर हमला हुआ। घटनास्थल पर ग्रामीणों ने एसएसपी को बताया कि  वर्ष 2015 में जिला पंचायत के वार्ड नंबर 43 से पूर्व प्रधान मोहम्मद अम्मार की पत्नी शगुफ्ता बेगम ने गुलशनव्वर की पत्नी हसरूबा के सामने जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ा था, जिसमें दोनों हार गई थीं। चुनाव को लेकर रंजिश के चलते 16 अक्तूबर 2015 की सुबह  मोहम्मद अम्मार समर्थक तसलीम की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी, जिसका मुकदमा मृतक के भाई ताजीम ने गुलशनव्वर, उसके भाई जमशेद और गांव के ही मनव्वर, नदीम के खिलाफ दर्ज कराया था।

इस मामले में चारों आरोपी जेल गए। मनव्वर जमानत पर बाहर है। इस मुकदमे की पैरवी पूर्व प्रधान मोहम्मद अम्मार कर रहा था, जिसकी 21 अगस्त को  शहर कोतवाली के आर्यपुरी मोहल्ले में गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। बुधवार को हमले में घायल हुए कसीम के भाई  कलीम पूर्व प्रधान मौहम्मद अम्मार की हत्या के मुकदमे के वादी हैं। घायल कसीम के परिजनों ने बताया कि तसलीम हत्याकांड में इस समय गवाहों और वादी के बयान की तारीख लगातार लग रही है, जिसे रोकने के लिए लगातार जानलेवा हमले हो रहे हैं। सीकरी गांव में गत सप्ताह से ही पीएसी तैनात है।       

सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज       
भोपा। बुधवार शाम घायल कसीम के भाई खालिद उर्फ भूरा की ओर से सात हमलावरों अय्यूब, हसीन, शौकीन, शारिक और तीन अज्ञात बदमाशों के विरुद्ध हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कराया गया है। बताया कि गांव के ही जमशेद का परिवार उनसे चुनावी रंजिश रखता है। इसी के चलते एक बार उसे भी गोली मारकर घायल किया गया था। अगले ही दिन उसके भाई तसलीम की हत्या कर दी गई थी। इन्हीं आरोपियों ने गत सप्ताह मुजफ्फरनगर में पूर्व प्रधान मोहम्मद अम्मार की हत्या की है। आरोप लगाया कि उक्त लोग बुधवार को उसके भाई कसीम की भी हत्या करने आए थे। पुलिस नामजद हमलावरों की तलाश में जुटी है।       
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