शामली में रुपयों के लेन-देन के विवाद में घर से बुलाकर युवक की हत्या के मामले में दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या-13 की पीठासीन अधिकारी मंजुला भालोठिया ने फैसला सुनाया।
विज्ञापन
सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अमित कुमार त्यागी और अभियोजन के अधिवक्ता प्रदीप शर्मा ने बताया कि शामली जिले के कांधला के नया बाग निवासी वादी हाशिम 15 मई 2012 को अपने खेत में ईंख की बुवाई कर रहा था। इस दौरान कुछ ही दूरी पर बाग में फायर की आवाज आई। मौके पर किसान पहुंचे तो एक युवक का गोली लगा शव पड़ा था। मृतक की शिनाख्त बागपत के कुरड़ी नांगल गांव निवासी सचिन (26) के रूप में हुई।
पुलिस जांच में सामने आया कि सचिन को उसके गांव का ही पुष्पेंद्र उर्फ मुन्ना बुलाकर लाया था। दोनों खेड़ी कुरतान गांव जा रहे थे। रुपयों के लेन-देन को लेकर विवाद में सचिन की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। प्रकरण की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या-13 में हुई। अभियोजन पक्ष ने 13 गवाह पेश किए। अदालत ने आरोपी पर दोष सिद़ किया। दोषी को आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।