गांव सीकरी के प्रधान के पति का नकाबपोश बदमाशों ने हाथों में तमंचे लहराते हुए पीछा किया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गये। पुलिस ने भी मौके पर जाकर घटना की जानकारी ली।
थाना क्षेत्र का गांव सीकरी के प्रधान के पति इरफान उर्फ अप्पी ने बताया कि वह किसी कार्य से दिल्ली गया था। मंगलवार को वह अपने बड़े भाई और भाभी को चीनी मिल मोरना में छोड़ने के बाद दोपहर को कार से भोकरहेड़ी मार्ग से सीकरी जा रहा था। जैसे ही वह कुछ दूर चला तो शीशे में पीछे से काले रंग की मोटर साइकिल पर दो नकाबपोश बदमाश दिखाई पड़े, जो हाथों में तमंचा ले रहे थे।
इरफान ने बाइक सवार बदमाशों को साइड नहीं देते हुए इसी बीच गांव में फोन कर दिया, जिससे काफी लोग मौके पर आ गए। बदमाश को भी इसकी भनक लग गई, जिससे बदमाश वापस भोकरहेड़ी की ओर वापस फरार हो गए। मौके पर पहुंचे भोपा इंस्पेक्टर बीपी सिंह यादव ने बदमाशों की पहचान के लिए भोकरहेड़ी स्थित पेट्रोलपंप के सीसीटीवी कैमरे देखे तो वो बंद मिले।
इरफान उर्फ अप्पी ने बताया कि वह 22 अक्तूबर 2017 में हुई अम्मार प्रधान की हत्या, 2015 में हुई तस्लीम की हत्या सहित 307 के कई मामलों की पैरवी कर रहा है। इसी के चलते दोनों अज्ञात बदमाशों द्वारा उसकी हत्या का प्रयास किया गया है, जिससे उसे जान का खतरा बना हुआ है। थाने पर तहरीर दे दी गई है। इंस्पेक्टर ने बताया कि पुलिस मामले को गंभीरता से लेकर जांच पड़ताल कर रही है।
पति पर कुकर्म का आरोप
भोपा। ससुराल वालों ने महिला को मारपीट कर घायल कर घर से निकाल दिया। थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने एसएसपी के आदेश पर थाने पर मुकदमा दर्ज कराया। बताया कि दो वर्ष पूर्व उसका निकाह क्षेत्र के ही गांव निवासी युवक के साथ हुआ था, तभी से उसके दोनों देवर ,ननद, सास अतिरिक्त दहेज की मांग करते आ रहे है। तीन माह पूर्व देवर ने भी अश्लील हरकत करते हुए वीडियो बना ली थी। अब नेट पर डालने की धमकी देता आ रहा है। पति ने भी कुकर्म का प्रयास किया। पुलिस ने बताया कि पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर मुकदमा कायम कर लिया है।
घायल की दिल्ली में मौत
भोपा। भोपा में हुई दुघर्टना में घायल व्यक्ति ने दिल्ली के अस्पताल में दम तोड़ दिया। शनिवार सवेरे भोपा मुजफ्फरनगर मार्ग पर स्थित विद्युत उपकेंद्र के सामने बाइक सवार गुलशेर निवासी दुहेली ट्रक की साइड लगने से घायल हो गया था। उसे दिल्ली अस्पताल ले जाया गया था, किंतु उसकी हालत में कोई सुधार न हो सका और गुलशेर की मौत हो गई।