शहर के रामलीला टिल्ला पर नाली निर्माण के चलते रास्ता बंद होने से परेशन नागरिक।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
अफसरों की हठधर्मी से अधर में लटका नाली निर्माण
मुजफ्फरनगर। शहर के मोहल्ला रामलीला टिल्ला पर अफसरों की हठधर्मी के चलते नाली निर्माण अधर में लटक गया है। क्षेत्रीय लोगों द्वारा अवैध अतिक्रमण हटवाए जाने और नाली की चौड़ाई बढ़ाने की मांग के चलते नाली निर्माण को अधर में छोड़ दिया गया है। इससे पूरे क्षेत्र में मलबा बिखरा होने के साथ ही गंदगी अटी पड़ी है, जिससे लोग पिछले एक पखवाड़े से परेशानियों से जूझ रहे हैं।
शहर के मोहल्ला रामलीला टिल्ला मेन रोड पर करीब 20 दिन पूर्व नाली का निर्माण कराए जाने के लिए पुरानी नाली को तोड़ा गया था। इसके लिए क्षेत्र से दुकानों के आगे किया गया अतिक्रमण हटा दिया गया, लेकिन दो मकानों के आगे नाली पर किया गया अतिक्रमण और स्लैब नहीं हटाए गए। वहीं, नाली की चौड़ाई भी 17 इंच से घटाकर महज 14 इंच कर दी गई। स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया, तो नाली निर्माण को अधर में ही छोड़ दिया गया। लोगों ने इसकी शिकायत पालिका के जेई से लेकर सिटी मजिस्ट्रेट अभिषेक सिंह से भी की, लेकिन किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस पर स्थानीय लोगों ने डीएम चंद्रभूषण सिंह से मामले की शिकायत की, जिन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट अभिषेक सिंह को कार्रवाई के निर्देश दिए, लेकिन नाली निर्माण शुरू नहीं हो पाया।
नतीजतन, पिछले करीब एक पखवाड़े से नाली निर्माण अधर में लटका हुआ है और नाली की खुदाई से निकला मलबा और ईंट-पत्थर सड़क पर ही पड़े हुए हैं। इसके चलते इस क्षेत्र में गंदगी की भरमार के साथ ही आवागमन में भी लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उधर, पालिका ईओ हेमसिंह का कहना है कि उन्हें मामले का संज्ञान नहीं है। संबंधित जेई के बच्चे की तबीयत खराब होने के कारण स्वतंत्रता दिवस के बाद उन्हें बुलाकर इस मामले की जानकारी ली जाएगी।