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Catwalk In Burqa: मुस्लिम संगठनों को छात्राओं का करारा जवाब, कहा-विरोध करना है तो पश्चिमी देशों में जाएं

Wed, 29 Nov 2023 05:54 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर

सार

बुर्के में कैटवॉक का विरोध कर रहे संगठनों के विरोध में फैशन शो में शामिल रहीं छात्राओं ने मोर्चा खोल दिया है। छात्राओं ने उलमा को दो टूक जवाब देते हुए कहा है कि विरोध करना है तो पश्चिमी देशों में जाएं। कहा कि अच्छा अवसर मिला तो अपनी शिक्षा का प्रदर्शन दोबारा किया जाएगा। मुस्लिम देशों में भी ऐसे कई फैशन शो होते हैं।
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बुर्के में कैटवॉक - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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बुर्के का विरोध कर रहे संगठनों को जवाब देने के लिए श्रीराम कॉलेज की छात्राएं लामबंद नजर आईं। जमीयत के बयान के बाद छात्रा सना राजपूत ने शेर ... खूबसूरती है मेरे वतन की रंग-बिरंगी रिवाजों में, चाहे कोई तंग कपड़े पहने या कोई रहे हिजाबों में... सुनाया। आगे कहा कि मुस्लिम लड़की घर से बाहर निकलती हैं तो उन पर दस तरह की रोक लगती है। हमारे खुदा को पता है कि हम कितना पर्दे में रहते हैं और कितना नहीं। शिक्षण संस्थान में कोई धर्म ऊपर या नीचे नहीं होता।

मंगलवार को कॉलेज में छात्रा सना राजपूत ने कहा कि आज के समय में किसी को रोजगार नहीं मिल रहा है। छात्राओं के पास बेहतर से बेहतर डिजाइन दिखाने का मौका था, जिसके बाद डिजाइनर का विश्वास बढ़ा और उन्हें अवसर भी मिलेंगे। हम पढ़ाई कर रहे हैं। ऐसा मौका नहीं गंवा सकते। मौलानाओं की बात पर्दे को लेकर सही है, लेकिन छात्राओं के पास यह बड़ा अवसर था।

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अभिनेत्री मंदाकिनी - फोटो : Amar Ujala

छात्रा बुशरा खान का कहना है कि हमें एक मौका मिला है, हमने बुर्के के विषय में दिखाया कि किस तरह पहन सकते हैं। पश्चिमी देशों में जाकर विरोध करें। बुर्का महिलाओं ने पहना था, किसी ने गलत तरीके से नहीं पहना। फैशन शो में डिजाइन दिखाए ही जाते हैं। उद्देश्य सिर्फ यह था कि कैसे-कैसे डिजाइन पहन सकते हैं। हमें डिजाइन दिखाने थे, वही दिखाए गए।

छात्राओं ने कहा कि हमारा किसी ने ब्रेन वॉश नहीं किया, हम कोई छोटे बच्चे नहीं है। अगर ऐसा होता तो हम कहीं दूसरी जगह पढ़ रहे होते। फिर कभी अच्छा अवसर मिला तो अपनी शिक्षा का प्रदर्शन दोबारा किया जाएगा। जान बूझकर यह मुद्दा बनाया गया। मुस्लिम देशों में बुर्के को लेकर शो होते हैं।

बुर्के में कैटवॉक, मुजफ्फरनगर - फोटो : Amar Ujala

पूरे कार्यक्रम का विरोध होना चाहिए : संजीव
महामंडलेश्वर संजीव शंकर महाराज ने कहा कि सिर्फ बुर्के का ही विरोध क्यों, इस पूरे कार्यक्रम का विरोध होना चाहिए। यह कार्यक्रम हमारी संस्कृति का हिस्सा नहीं है। संस्कृति की आड़ में शिक्षण संस्था बच्चों के साथ धोखा कर रही है। हिंदू नेता फिलहाल मलाई चाटने में व्यस्त हैं। वह इस मामले में जमीयत का समर्थन करते हैं।

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क्या था मामला 
श्रीराम कॉलेज के फैशन स्प्लैश में 13 छात्राओं ने बुर्का पहनकर रैंप पर कैटवॉक किया था। डिजाइनर सालिया के डिजाइन किए गए बुर्के पहनकर छात्राओं ने कैटवॉक किया था। अभिनेत्री मंदाकिनी भी कार्यक्रम में शामिल हुई थीं। जमीयत उलमा ने बुर्के का रैंप पर प्रदर्शन करने पर नाराजगी जताई थी। यही नहीं भविष्य में इस तरह के आयोजन पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी।

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