वहीं, बचाव पक्ष की ओर से अदालत में जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया। अदालत ने अभियोजन और बचाव पक्ष के तर्केां को सुना। अदालत ने मामले को सुरक्षा से जुड़ा मानते हुए इमराना की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया है।
इमराना बोली, कभी भी पड़ सकता है अटैक
अपने अधिवक्ता के माध्यम से जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल करते हुए आरोपी इमराना ने कहा कि वह 2010 से लगातार बीमार चली आ रही है। वर्तमान में भी वह अस्थमा से पीड़ित है। सांस लेने में तकलीफ हो रही है और कभी भी अटैक पड़ सकता है। स्थानीय पुलिस के अलावा मामले की जांच के लिए जिले में आईबी, इंटेलीजेंस और एटीएस ने जांच की थी। स्थानीय पुलिस के अधिकारियों ने भी इमराना से लंबी पूछताछ की थी। महत्वपूर्ण जानकारी भी पुलिस को मिली थी।
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