निर्मल गंगा के बिना भारत का अस्तित्व अधूरा: राणा
शुक्रताल (मुजफ्फरनगर)। पौराणिक तीर्थ शुक्रताल में नमामि गंगे जागृति यात्रा के जयघोष के साथ गंगा को निर्मल और स्वच्छ बनाने का आह्वान किया गया। प्रदेश के गन्ना एवं चीनी मिल राज्यमंत्री सुरेश राणा ने कहा कि भारत का अस्तित्व गंगा मैया के बिना अधूरा है। भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर पवित्र गंगा के गौरवमयी वैभव को बनाए रखने के लिए संकल्प ले। मानव मात्र के लिए गंगा मां तुल्य है।
जाट धर्मशाला में आयोजित नमामि गंगे जागृति यात्रा समारोह में मुख्य अतिथि प्रदेश के गन्ना राज्यमंत्री राणा ने कहा कि अध्यात्म और धार्मिक मूल्यों से भारत पुन: विश्व गुरु बनेगा। पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ ने भारतीय संस्कृति की संवाहक गंगा को निर्मल, अविरल और स्वच्छ बनाने के लिए प्रतिज्ञा ली है। संस्कृति और राष्ट्रभाव की रक्षा के लिए गंगा का संरक्षक जरूरी है। भू-जल का दोहन जनजीवन के लिए संकट खड़ा करेगा। जीवन रक्षा के लिए गंगा और अन्य नदियों के किनारों पर पौधरोपण की श्रृंखला बनाई जा रही है। गंगा की सेवा धर्म है। सत्कर्मो से ही गंगा स्नान का पुण्य मिलता है। नमामि गंगे जागृति यात्रा से गांव-गांव में गंगा को बचाने की चेतना जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने 1650 ग्रामों को शौच मुक्त कर दिखाया है। शुकतीर्थ के विकास को शासन स्तर पर कार्य योजना बनाई जाएगी।
समारोह की अध्यक्षता करते हुए भागवत पीठ श्री शुकदेव आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद सरस्वती ने कहा कि गंगा राष्ट्र के लिए वरदान है। भारत की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और आर्थिक समृद्धि गंगा से जुड़ी है। गंगा के बिना भारत का सारा साहित्य अपूर्ण है। गंगा एक आध्यात्म की यात्रा है। साध्वी मां राजनंदेश्वरी ने कहा कि गंगा की रक्षा नहीं की गई, तो मानव को भारी कीमत चुकानी होगी।
होमगार्ड के डीजीपी डॉ सूर्यकुमार शुक्ल ने कहा कि आस्था, कथा और पुराण आदि गंगा के अस्तित्व पर निर्भर है। गंगा के किनारे औद्योगिक इकाईयां नहीं लगाई जानी चाहिए। प्रदूषित पानी गंगा की शुद्धता को नष्ट कर रहा है। नमामि गंगे अभियान के सदस्य डॉ वीरपाल निर्वाल ने बताया कि सूबे के 108 ब्लाक गंगा किनारे हैं। गंगा से जुड़े 25 जिलों में 46 प्रतिशत आबादी की जीवन रेखा प्रभावित होती है। सरकार ने प्रदेश में गंगा के उद्धार के लिए 400 करोड़ रुपये की कार्ययोजना बनाई है। भाजपा विधायक कपिल देव अग्रवाल, डीएम जीएस प्रियदर्शी, भाजपा जिलाध्यक्ष रुपेंद्र सैनी, जिला पंचायत अध्यक्षा आंचल तोमर ने भी विचार रखे। संचालन अचल कृष्ण शास्त्री ने किया। अमित राठी, नितिन मलिक, हरीश राठी, प्रमुख अनिल राठी, विनोद शर्मा चेयरमैन, मदनपाल एडवोकेट, अनूप सिंह आदि मौजूद रहे।
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गांव-गांव पहुंचाएंगे स्वच्छता का संदेश: डीजीपी
शुक्रताल। नमामि गंगे जागृति यात्रा का शुक्रताल में शुभारंभ स्वामी ओमानंद सरस्वती ने दीप प्रज्वलित कर किया। हरिद्वार से बलिया तक की यात्रा के संदर्भ में होमगार्ड के डीजीपी डॉ सूर्यकुमार शुक्ल ने विस्तृत जानकारी दी। प्रदेश होमगार्ड विभाग के नेतृत्व में संचालित यात्रा का उद्देश्य गंगा किनारे बसे जिलों और ग्रामों में स्वच्छता का संदेश पहुंचाना है। छह सितंबर को लखनऊ में यात्रा का समापन होगा। होमगार्ड के डिप्टी जनरल कमांडेंट शरदचंद्र त्रिपाठी, मंडल प्रशिक्षण अधिकारी एसएस प्रसाद, एसपी देहात अजय सहदेव, एसडीएम ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी, सीओ रिजवान अहमद, बीडीओ बीपी सिंह, अरुण कुमार, विजय कुमार, तेज प्रताप आदि मौजूद रहे। डीजीपी होमगार्ड ने प्रदेश के गन्ना राज्यमंत्री सुरेश राणा को प्रतीक चिह्न भेंट किया।