- ककरौली थाना क्षेत्र के गांव से किया गया था अपहरण
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। ककरौली थाना क्षेत्र के गांव से किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म के दोषी अफसर को अदालत ने 20 साल कारावास की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायालय/विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट के पीठासीन अधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने फैसला सुनाया।
शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजीव शर्मा ने बताया कि ककरौली थाना क्षेत्र के गांव में नौ जुलाई 2015 को अनुसूचित जाति की किशोरी अपनी दादी के साथ दिशा शौच के लिए गई थी। इसी दौरान उसका अपहरण हो गया। पुलिस ने आरोपी अफसर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। तीन दिन बाद किशोरी को बरामद किया गया था। आरोपी ने किशोरी के साथ दुष्कर्म किया था। पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया।
अदालत ने दोषी को धारा 4 लैंगिक अपराधों से बालकों के संरक्षण अधिनियम के अपराध के लिए 20 साल कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अपहरण में छह साल के कारावास की सजा सुनाई गई। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
चोरी की बाइक के मामले में दो साल की सजा
मुजफ्फरनगर। पुलिस मुठभेड़ के बाद आरोपी से चोरी की बाइक बरामदगी के मामले में दो साल कारावास की सजा सुनाई गई है। सहायक शासकीय अधिवक्ता अरुण कुमार शर्मा ने बताया कि एसआई एसआई जितेंद्र सिंह ने पांच नवंबर 2020 को मुकदमा दर्ज कराया था। आरोपी कोतवाली क्षेत्र के गहराबाग निवासी अरशद के खिलाफ अदालत में ट्रायल हुआ। अपर सत्र न्यायालय संख्या तीन के पीठासीन अधिकारी गोपाल उपाध्याय ने दो साल कारावास की सजा सुनाई है।