पटना ब्लास्ट के बाद नरेंद्र मोदी की सुरक्षा को लेकर चिंतित भाजपा मोदी की रैलियों की संख्या घटाने पर विचार कर रही है। इसके लिए स्थानीय नेताओं से भी आलाकमान ने संपर्क साधा है। कोशिश दो नजदीकी रैलियों को एक ही स्थान पर समाहित करने की है।
बदले हालात में मोदी की मुरादाबाद रैली पर भी ग्रहण लग गया है। स्थानीय भाजपा नेताओं को आलाकमान से संकेत मिले हैं कि नवंबर में मुरादाबाद में होने वाली मोदी की रैली अब नहीं होगी बल्कि मुरादाबाद के भाजपाइयों को मेरठ में होनी वाली रैली में ही शामिल होना होगा।
मोदी की रैली के दौरान पटना में हुए सीरियल ब्लास्ट के बाद खुफिया एजेंसियों ने मोदी की सिक्योरिटी का रिव्यू किया, जिसमें आतंकियों से उनकी जान को खतरा बताया गया है। भाजपा अपने पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को लेकर कोई रिस्क नहीं लेना चाहती।
लिहाजा उन सभी हिस्सों में रैलियों में कटौती करने पर विचार चल रहा है, जहां एजेंसियों ने रिस्क ज्यादा बताया है। स्थानीय भाजपा नेताओं का कहना है कि उन्हें आलाकमान से निर्देश मिला है कि नवंबर में होने वाली मोदी की रैली अब शायद ही हो पाए।
भाजपा सूत्रों की मानें तो वेस्ट यूपी में मोदी की केवल एक रैली मेरठ में होगी। कोई और रैली हुई भी तो उसमें मुरादाबाद का नाम शामिल नहीं है। मुरादाबाद के भाजपाइयों से दो टूक कह दिया गया है कि उन्हें मेरठ की रैली में ही हिस्सा लेना होगा।
हालांकि स्थानीय स्तर से भाजपाई हर मुमकिन कोशिश कर रहे हैं कि किसी तरह उन्हें मोदी की रैली का प्रोग्राम मिल जाए।