सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने फिर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला।
लोकसभा शुरू होने से ठीक पहले यहां रविवार को उन्होंने कहा कि केंद्र में कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के रहते देश की सीमाएं खतरे में पड़ गई हैं। चीन की घुसपैठ बढ़ती जा रही है। कोई भी पड़ोसी देश हमारा दोस्त नहीं रहा। हमारी विदेश नीति पूरी तरह निष्प्रभावी हो गई है। केंद्र की कमजोर सरकार से मुक्ति जरूरी है।
वह सपा मुख्यालय में पूर्व सांसद एवं पूर्व महाधिवक्ता वीरेन्द्र भाटिया की 66वीं जयंती की पूर्व संध्या पर अधिवक्ताओं की बैठक में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि चीन भारत की सीमा पर कुदृष्टि लगाए हुए है। उसने लद्दाख में भारत की सीमा में 10 किमी तक कब्जा कर लिया है। ब्रह्मपुत्र पर वह तीन बांध बना रहा है।
इससे भारत में जल प्रवाह प्रभावित होगा। हमारी फौज बहादुर है, दुनिया में उसका मुकाबला नहीं लेकिन केंद्र की कमजोर सरकार आंखें मूंदे हुए है। जो सरकार देश की रक्षा नहीं कर सकती, उसकी कोई जरूरत नहीं है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस राज में महंगाई आम आदमी की कमर तोड़ रही है। देश में चीनी की कमी नहीं है, गेहूं का भी पर्याप्त भंडार है, फि र भी चीजें महंगी है। गरीब भूखा सो रहा है।
सरकार को स्टाक में जमा अतिरिक्त खाद्यान्न गरीबों में बांट देना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में केंद्र में किसी भी दल का बहुमत नहीं आएगा।
ऐसे में सपा की केंद्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका होगी। कांग्रेस और भाजपा के बाद सपा सबसे बड़ी ताकत है। सपा का व्यापक जनाधार है और सभी वर्गों के पार्टी की पहुंच है।
उन्होंने अधिवक्ताओं से एक बार फिर सहयोग की अपील करते हुए आम चुनाव नें तैयार रहने कहा। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि नेताजी (मुलायम सिंह) ने अधिवक्ताओं के हित में अनेक योजनाएं लागू की थीं।
दिवंगत भाटिया ने समाजवादी पार्टी के साथ अधिवक्ताओं की ताकत खड़ी की थी। अब फिर से अधिवक्ताओं को अपनी जिम्मेदारी निभाने का समय आ गया है। बैठक की अध्यक्षता गौरव भाटिया ने की।