यूपी में बहुत है टैलेंट
मो. शमी ने कहा कि यूपी में बहुत टैलेंट हैं। मंडल के कई खिलाड़ी नेशनल तक खेल चुके हैं लेकिन कुछ कमियों के चलते अंतरराष्ट्रीय लेवल तक नहीं पहुंच सके। उन्होंने भी बहुत कुछ झेला। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक पहुंचे। युवाओं को अपने टैलेंट को पहचानना चाहिए और वफादारी के साथ खेलना चाहिए।
आगे कहा कि कभी-कभी परिवार के डाइरेक्शन भी गलत होते हैं। वे अपने बच्चे को पहचान नहीं पाते हैं। क्रिकेट में अपना बेस्ट देने की कोशिश करता हूं। वर्ल्ड कप में लोगों ने पहली बार बॉलिंग का आनंद लिया। दुनिया ने भारत की फास्ट बॉलिंग के बारे में जाना है। जैसा पहले था। वैसे आज भी हूं। कोई बदलाव नहीं आया है।
चांदी कलर की ट्राली और प्रशस्तिपत्र दिया
मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह, डीआईजी मुनिराज जी, डीएम मानवेंद्र सिंह, एसएसपी हेमराज मीणा, सीडीओ सुमित यादव ने शमी को चांदीयुक्त ट्राफी और प्रशस्तिपत्र प्रदान किया। इस दौरान शमी की मां अंजुमआरा, भाई हसीब और भाभी को भी अधिकारियों ने सम्मानित किया। इस दौरान संभल के डीएम और एसपी, संयुक्त आयुक्त उद्योग योगेश कुमार सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।