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चांदनी ने बड़ी चालाकी से चुराया था बच्चा: 19 हजार में बेचा 11 माह का मासूम, बेओलाद इकरार को चाहिए था संतान सुख

Thu, 31 Aug 2023 10:06 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरादाबाद

सार

बच्चा खरीदने वाला आरोपी इकरार हुसैन (45) और उसका भतीजा आरोपी समीर हुसैन (23) चंदौसी में मजदूरी करता है। वह चोरी चकारी करने वाली आरोपी चांदनी के पहले से संपर्क में था। 
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पुलिस हिरासत में चारों आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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28 अगस्त, दिन सोमवार और दोपहर के तीन बजे थे। रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर एस्केलेटर के पास पेड़ के नीचे पिंकी (27) अपने बेटे हर्ष तो दूध पिलाकर सो गई। उसका पति धर्मेंद्र भी वहीं था, बच्चा दोनों के बीच में लेटा था। दो दिन से इस परिवार की रेकी कर रही शातिर आरोपी चांदनी (24) माता-पिता के सोते ही बच्चे को उठाकर ले गई।

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इस अपराध में देवघर निवासी आरोपी हैदर अंसारी (40) ने उसका साथ दिया। अगले दिन सुबह दोनों ने 11 माह के बच्चे को चंदौसी में दो लोगों इकरार हुसैन (45) और समीर हुसैन (23) को महज 19 हजार रुपये में बेच दिया। जीआरपी ने गुरुवार को इस मामले का खुलासा करते हुए बच्चा चुराने वाले और खरीदने वाले चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। बच्चे को सकुशल उसके माता-पिता को सौंप दिया गया है। आरोपियों के पास से 10 हजार रुपये बरामद हुए हैं।

स्टेशन पर रहकर गुजर बसर करने वाले धर्मेंद्र व पिंकी का कहना है कि बच्चा गायब होने के बाद वे बेसुध हो गए थे। काफी खोजबीन के बाद जब बेटा नहीं मिला तो महिला बेहोश हो गई, होश में आने पर फिर चक्कर खाकर गिर जाती। उसके पति ने जीआरपी थाने में पुलिस को बच्चा गायब होने की जानकारी दी। महिला की बेसुध स्थिति देखकर जीआरपी ने उससे तहरीर ली और काम में जुट गई। 

पीड़ितों को आश्वासन दिया कि बच्चा ढूंढ लिया जाएगा। स्टेशन पर व ट्रेनों में तमाम खोजबीन हुई लेकिन बच्चा नहीं मिला। चूंकि 11 माह का बच्चा अभी चल नहीं पाता था इसलिए चोरी की आशंका में जांच शुरू की गई। सीसीटीवी की मदद से आरोपी महिला की पहचान हुई। हालांकि वह बच्चे को चंदौसी तक ले जाने और उसे बेचने में सफल रही। जीआरपी ने सर्विलांस की मदद से चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

पार्किंग की ओर से निकलती महिला तो पुलिस के लिए होती चुनौती
जीआरपी के सीओ देवी दयाल ने बताया कि स्टेशन के सीसीटीवी चेक किए गए लेकिन पेड़ के पास जहां बच्चा सोया हुआ था, वहां तक कैमरे की पकड़ नहीं थी। इसके बाद आरपीएफ की मदद से स्टेशन के अंदर व बाहर जाने वाले सभी रास्तों पर लगे सीसीटीवी की फुटेज चेक की गई। जीआरपी थाने से सटे वेटिंग हॉल वाले रास्ते की सीसीटीवी फुटेज में एक महिला बच्चे को ले जाती दिखी। इस फुटेज के आधार पर जीआरपी की तीन टीमें आरोपी महिला की तलाश में लगाई गईं। सर्विलांस की मदद से महिला को चंदौसी में खोज लिया गया। उसकी निशानदेही पर आरोपी हैदर अंसारी व बच्चा खरीदने वाले दोनों आरोपी इकरार हुसैन व समीर हुसैन को गिरफ्तार कर लिया गया।

इकरार के नहीं हैं कोई संतान इसलिए मांगा था बच्चा
बच्चा खरीदने वाला आरोपी इकरार हुसैन (45) और उसका भतीजा आरोपी समीर हुसैन (23) चंदौसी में मजदूरी करता है। वह चोरी चकारी करने वाली आरोपी चांदनी के पहले से संपर्क में था। जीआरपी के मुताबिक शादी के कई साल बाद भी इकरार के कोई संतान नहीं थी। इसलिए उसने समीर के जरिये चांदनी से संपर्क कर कोई बच्चा दिलवाने के लिए कहा था। पुलिस के मुताबिक चांदनी पहले भी चंदौसी में एक परिवार को बच्चा दिलवा चुकी है लेकिन वह कानूनी तरीके से दिलवाया था। इस बार उसने रुपयों के लालच में किसी का मासूम बच्चा चुराकर बेचने से गुरेज नहीं किया।
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जीआरपी ने रेलवे स्टेशन से चोरी किया गया बच्चा ढूंढ निकाला है। बच्चा माता-पिता को सौंप दिया गया है। बच्चा चुराने व उसे 19 हजार रुपये में खरीदने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनका आपराधिक इतिहास निकालने के लिए अन्य थानों में संपर्क किया गया है। - देवी दयाल, सीओ जीआरपी
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