केस एक: अपने व्यावसायिक भारी वाहन का चालान जमा करने आरटीओ कार्यालय पहुंचे असीम ने बताया कि ओवरलोडिंग का 82 हजार रुपये का चालान कटा था। 24 जुलाई को चालान का शुल्क जमा करने आए थे। उनसे चालान पर एक हजार रुपये अधिक वसूली की गई। उन्होंने बताया कि चालान पर कर्मचारी द्वारा जो भी अधिक शुल्क लिया गया, उसकी कोई रसीद नहीं मिली।
केस दो: फिरासत हुसैन ने बताया कि उनके व्यावसायिक भारी वाहन का 53500 रुपये का चालान हुआ था। 23 जुलाई को चालान का शुल्क जमा करने आरटीओ कार्यालय पहुंचे थे। उनसे चालान की रकम से आठ हजार रुपये अधिक यानी 61500 रुपये वसूल किए गए। उन्होंने जब विरोध किया तो आरटीओ कार्यालय में बैठे कर्मचारी ने वाहन का परमिट निरस्त करने की धमकी दी। कर्मचारी ने जो अधिक रुपये लिए उसकी कोई रसीद नहीं दी।
रसीद में चालान का शुल्क लिखा रहता है, उसी के आधार पर पैसा जमा होता है। जितने रुपये का चालान होता है, उतना ही शुल्क लिया जाता है। किसी से अतिरिक्त रुपये नहीं लिए जाते हैं। चालान का शुल्क ऑनलाइन भी जमा किया जाता है। - राजेश सिंह, आरटीओ, मुरादाबाद