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UP News: वाहनों के चालान पर भ्रष्टाचार का टैक्स, अधिक रुपये वसूल रहे RTO कर्मी, देते हैं परमिट निरस्त की धमकी

Fri, 26 Jul 2024 01:33 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

मुरादाबाद स्थित आरटीओ कार्यालय में वाहनों के चालान जमा करने आ रहे मालिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मालिकों का आरोप है कि चालान की रकम से अधिक की वसूली की जा रही है। विरोध करने पर कर्मचारी परमिट निरस्त करने की धमकी दे रहे हैं। 
 
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आरटीओ कार्यालय मुरादाबाद - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आरटीओ कार्यालय में वाहनों के चालान जमा करने आ रहे लोगों से चालान की रकम से आठ हजार रुपये तक अधिक वसूली की जा रही है। यदि वाहन स्वामी या चालक विरोध करते हैं, तो आरटीओ कार्यालय के कर्मचारी उनका परमिट निरस्त करने की धमकी देते हैं।

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आरटीओ कार्यालय में फैले इस भ्रष्टाचार से लोग परेशान हैं। परिवहन विभाग के नियम के अनुसार, जिस वाहन का जितने रुपये का चालान काटा जाता है, उतना ही शुल्क जमा करना होता है। ट्रांसपोर्टनगर स्थित आरटीओ कार्यालय में प्रवर्तन अनुभाग की खिड़की नंबर 11 पर भारी वाहनों के चालान जमा किए जाते हैं।

वाहन स्वामियों व चालकों ने बताया कि परिवहन विभाग की ओर से वाहनों का चालान कर थाने में बंद कर दिया जाता है। जब वह चालान जमा करने आरटीओ कार्यालय पहुंचते हैं, तो जितने रुपये का चालान काटा गया होता है, उससे एक हजार रुपये से आठ हजार रुपये तक अधिक वसूली की जाती है। 
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चालकों ने बताया कि यदि चालान पर अधिक शुल्क देने का विरोध करें तो खिड़की पर बैठे कर्मचारी वाहन सीज करने और परमिट निरस्त करने की धमकी देते हैं। इसके कारण मजबूरी में लोगों को अधिक रुपये देने पड़ते हैं।

केस एक:  अपने व्यावसायिक भारी वाहन का चालान जमा करने आरटीओ कार्यालय पहुंचे असीम ने बताया कि ओवरलोडिंग का 82 हजार रुपये का चालान कटा था। 24 जुलाई को चालान का शुल्क जमा करने आए थे। उनसे चालान पर एक हजार रुपये अधिक वसूली की गई। उन्होंने बताया कि चालान पर कर्मचारी द्वारा जो भी अधिक शुल्क लिया गया, उसकी कोई रसीद नहीं मिली। 

केस दो: फिरासत हुसैन ने बताया कि उनके व्यावसायिक भारी वाहन का 53500 रुपये का चालान हुआ था। 23 जुलाई को चालान का शुल्क जमा करने आरटीओ कार्यालय पहुंचे थे। उनसे चालान की रकम से आठ हजार रुपये अधिक यानी 61500 रुपये वसूल किए गए। उन्होंने जब विरोध किया तो आरटीओ कार्यालय में बैठे कर्मचारी ने वाहन का परमिट निरस्त करने की धमकी दी। कर्मचारी ने जो अधिक रुपये लिए उसकी कोई रसीद नहीं दी।
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रसीद में चालान का शुल्क लिखा रहता है, उसी के आधार पर पैसा जमा होता है। जितने रुपये का चालान होता है, उतना ही शुल्क लिया जाता है। किसी से अतिरिक्त रुपये नहीं लिए जाते हैं। चालान का शुल्क ऑनलाइन भी जमा किया जाता है। - राजेश सिंह, आरटीओ, मुरादाबाद
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