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UP: मुरादाबाद यूनिवर्सिटी के काम अटके, वन विभाग की एनओसी तक नहीं मिली...वीसी की नियुक्ति भी लटक गई

Tue, 30 Apr 2024 01:19 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

मुरादाबाद यूनिवर्सिटी का काम वन विभाग की तरफ से एनओसी न मिलने के कारण शुरू नहीं हो सका है। इसके अलावा अबतक कुलपति की नियुक्ति भी नहीं हो पाई है। अधिकारियों के अनुसार चुनाव अधिसूचना हटने के बाद यह काम तेजी से शुरू होगा। 
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मुरादाबाद विवि का प्रस्तावित नक्शा - फोटो : प्रशासन
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विस्तार
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दशकों पुरानी मुरादाबाद में यूनिवर्सिटी बनाने की मांग योगी सरकार ने पूरी कर दी, लेकिन उसका निर्माण चुनाव के बाद ही संभव होगा। वन विभाग की एनओसी नहीं मिलने से कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है। कुलपति की नियुक्ति भी चुनाव अधिसूचना के चलते अटकी है।

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लोनिवि का नियोजन विभाग यूनिवर्सिटी निर्माण के लिए अन्य विभागों से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेने में जुटा है। इधर मंडलायुक्त का कहना है कि चुनाव आचार संहिता यूनिवर्सिटी के निर्माण कार्य में आड़े न आए, इसलिए आयोग से अनुमति ली जाएगी।

इसके बाद काम शुरू कराया जाएगा। हरदासपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरु जंभेश्वर राज्य विश्वविद्यालय का शिलान्यास चुनाव अधिसूचना से पहले कर चुके हैं , लेकिन उसके निर्माण कुछ बाधाएं हैं।
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लोक निर्माण विभाग ने यूनिवर्सिटी के लिए 299 करोड़ का एस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा था। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद 121.33 करोड़ का टेंडर पास हो गया। लोनिवि के अधिशासी अभियंता आरबी सिंह का कहना है कि डिजाइन और अन्य कार्यों को जोड़ने पर फिलहाल लागत 169.58 करोड़ आ रही है।

यूनिवर्सिटी निर्माण के लिए डिजाइन बनाने का दायित्व नियोजन विभाग के पास है। इस मामले में एमडीए, वन विभाग, प्रदूषण, अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना था। अग्निशमन और प्रदूषण का अनापत्ति प्रमाण पत्र मिल चुका है, लेकिन वन विभाग का बाकी है।

वैसे यूनिवर्सिटी निर्माण के लिए टेंडर अधिसूचना जारी होने से पहले पास हो गया था। वित्तीय सहमति भी पहले ही मिल चुकी है। आनन-फानन में मुख्यमंत्री ने यूनिवर्सिटी के लिए कुलसचिव अजय कृष्ण यादव की नियुक्ति भी कर दी थी। अभियंताओं का कहना है कि अभी रूहेलखंड यूनिवर्सिटी के कुलपति ही प्रभारी के तौर पर काम देख रहे हैं।

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एक किसान की जमीन खरीदी गई
योगी सरकार ने यूनिवर्सिटी की जमीन के लिए नौ करोड़ और यूनिवर्सिटी निर्माण के लिए 101 करोड़ रुपये का बजट पहले ही निर्धारित कर दिया था। रामगंगा नदी पार हरदासपुर में विश्वविद्यालय के लिए 50 एकड़ जमीन निर्धारित की थी।

इसमें 48.5 एकड़ जमीन सरकार की है। 2.5 एकड़ जमीन तीन किसानों की है। खरीद के लिए डीएम ने शासन को ड्राफ्ट भेजा था जो मंजूर हो गया है। खरीद उच्च शिक्षा विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी को खरीद के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

एडीएम वित्त एवं राजस्व सत्यम मिश्रा का कहना है कि एक किसान की जमीन खरीदी गई है। इस मामले की जिम्मेदारी तहसीलदार सदर को दी गई है। जमीन को लेकर निर्माण में कोई बाधा नहीं जाएगी।

यूनिवर्सिटी का कार्य शीघ्र शुरू कराया जाएगा। चूंकि मुरादाबाद में चुनाव हो चुका है। इस कारण चुनाव आयोग से परमिशन लेकर काम कराया जाएगा। कुलपति की नियुक्त से कार्य प्रभावित नहीं होगा। चुनाव बाद कुलपति की नियुक्ति शासन से की जाएगी। -आंजनेय कुमार सिंह मंडलायुक्त मुरादाबाद मंडल
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