बसपा का दावा है कि पूर्व में पार्टी से प्रत्याशी घोषित किए गए चांद बाबू अब हाजी रिजवान को चुनाव लड़ाएंगे। वर्ष 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में जिले की छह विधानसभा सीटों में से चार सीटों मुरादाबाद देहात, कुंदरकी, ठाकुरद्वारा, बिलारी पर सपा व दो सीटों मुरादाबाद शहर और कांठ विधानसभा सीट पर भाजपा ने जीत दर्ज की थी।
मुरादाबाद में टिकट न मिलने पर सपा से त्यागपत्र देने वाले हाजी रिजवान अब बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे। बसपा ने उन्हें अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है। बसपा ने पहले यहां 22 जनवरी को हाजी चांद बाबू मलिक को अपना प्रत्याशी घोषित किया था।
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बसपा का दावा है कि पूर्व में पार्टी से प्रत्याशी घोषित किए गए चांद बाबू अब हाजी रिजवान को चुनाव लड़ाएंगे। वर्ष 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में जिले की छह विधानसभा सीटों में से चार सीटों मुरादाबाद देहात, कुंदरकी, ठाकुरद्वारा, बिलारी पर सपा व दो सीटों मुरादाबाद शहर और कांठ विधानसभा सीट पर भाजपा ने जीत दर्ज की थी।
वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा ने अपने दो मौजूदा विधायक मुरादाबाद देहात से हाजी इकराम कुरैशी व कुंदरकी से हाजी रिजवान का टिकट काट कर नासिर कुरैशी व जियाउर्रहमान बर्क को प्रत्याशी बनाया है। जियाउर्रहमान संभल के सांसद और सपा के प्रमुख चेहरे डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क के पौत्र हैं।
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शफीकुर्रहमान का जिले की राजनीति में बड़ा कद व प्रभाव है। वह कई बार विधायक से लेकर सूबे में मंत्री व लोकसभा सदस्य तक रह चुके हैं। टिकट कटने के बाद से ही हाजी रिजवान के तेवर बागी हो गए थे और उन्होंने दूसरे दिन ही एलान कर दिया था कि वह चुनाव हर हाल में लड़ेंगे।
सोमवार को वह लखनऊ में बसपा कार्यालय भी गए थे। लेकिन कल तक बसपा और स्वयं उन्होंने बसपा में शामिल होने की पुष्टि नहीं की थी। इसकी वजह यह थी कि हाजी रिजवान उसी पार्टी में शामिल होना चाहते थे जो उन्हें प्रत्याशी बनाए। हालांकि उन्हें इसके लिए हरी झंडी सोमवार को ही मिल गई थी।