टिकट न मिलने से आहत मुरादाबाद देहात विधानसभा सीट से सपा विधायक हाजी इकराम कुरैशी ने मंगलवार को समर्थकों की भीड़ तो जुटाई, लेकिन आगे की रणनीति का कोई खुलासा नहीं कर सके। हालांकि उन्होंने पत्रकारों से वार्ता में कहा कि उन्होंने 11 लोगों की कमेटी बना दी है, वह क्षेत्र की जनता से बात कर जैसा निर्णय लेगी वैसा करेंगे।
समर्थकों की भीड़ के कारण सोशल डिस्टेंसिंग की जमकर धज्जियां उड़ीं। इसके साथ ही उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव व मुलायम सिंह यादव को ईमानदार नेता तो बताया लेकिन साथ ही यह भी कहा कि मैं गरीब हूं इसलिए मेरा टिकट कट गया।
सपा ने इस बार मुरादाबाद देहात सीट से नासिर कुरैशी को अपना प्रत्याशी बनाया है। वह नामांकन भी दाखिल कर चुके हैं। उसके बाद से ही इकराम कुरैशी के तेवर बगावती हैं। टिकट कटने के बाद से ही इकराम कुरैशी लगातार यह बयानबाजी कर रहे हैं कि उनका टिकट कुछ लोगों ने राष्ट्रीय अध्यक्ष को गुमराह करके कटवा दिया।
यह भी कह रहे हैं कि वह क्षेत्र की जनता से बात कर वह निर्णय लेंगे कि उन्हें चुनाव लड़ना है अथवा नहीं। लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी वह स्पष्ट रूप से अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं कर सके हैं। मंगलवार को उन्होंने समर्थकों को बुलाकर उनकी राय जानने के बाद स्थिति स्पष्ट करने का एलान किया था।
उसके मुताबिक समर्थकों की उन्होंने भीड़ जुटाई भी, लेकिन समर्थकों से बात के बाद भी वह कोई निर्णय नहीं ले सके। इकराम ने कहा है कि अब उन्होंने फैसला ग्यारह सदस्यीय कमेटी बनाकर उसके ऊपर छोड़ दिया है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने अपने को 28 साल पुराना कार्यकर्ता बताया और कहा कि कुछ लोगों ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को गुमराह कर टिकट कटवाया है। यह भी कहा कि अगर मैं गरीब न होता मेरा टिकट नहीं कटता।