मुरादाबाद में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। तीन साल पहले अपने पिता और भाई के साथ अपनी ही हत्या की साजिश रचकर पत्नी और ससुरालियों को फंसाने वाला युवक गोवा में जिंदा मिला है। इस मामले में युवक के पिता ने उसकी पत्नी, ससुर, सास और दो सालों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करा दिया था। पुलिस ने मुख्य आरोपी और उसके पिता, भाई को गिरफ्तार कर लिया है।
एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि सिविल लाइंस थानाक्षेत्र के भटावली गांव निवासी चेतराम सैनी ने 15 अगस्त 2021 को कोर्ट की शरण लेते हुए सिविल लाइंस थाने में अपने बेटे जयवीर की हत्या के संबंध में केस दर्ज कराया था। उसने बताया था कि 2012 में उसके बेटे जयवीर की शादी मझोला के लाइनपार शांतिनगर निवासी तुलाराम की बेटी सुमन के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही पति-पत्नी के बीच विवाद रहता था। इसी विवाद के चलते मार्च 2019 में सुमन ने अपने पिता तुलाराम, मां शांति देवी और दो भाई विक्रम सिंह तथा राजू सिंह के साथ मिलकर जयवीर की हत्या कर दी थी। इसके बाद आरोपियों ने अपने ईंट भट्ठे में जयवीर के शव को जलाकर साक्ष्य मिटा दिए।
पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू की, तो शिकायतकर्ता बार-बार अपने बयान बदल रहा था। पुलिस का शक वादी और उसके दूसरे बेटे पर गहरा रहा था। जबकि आरोपी पक्ष पुलिस विवेचना में पूरा सहयोग कर रहा था। पुलिस ने जयवीर के मोबाइल नंबर और उसके बैंक खातों की डिटेल खंगाली, जिससे पता चला कि जयवीर का बैंक खाता एक्टिव है। एसएसपी ने सिविल लाइंस पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम को इस हत्याकांड के खुलासे के लिए लगा दिया। विवेचना के दौरान सामने आया कि जयवीर के खाते से गोवा में रुपये निकले और डाले जा रहे हैं।
पुलिस टीम ने गोवा में डेरा डाल दिया और जांच शुरू की, तब पता चला कि आरोपी जयवीर जिंदा और गोवा के एक होटल में गार्ड है। पुलिस ने उसे पकड़ लिया और मुरादाबाद ले आई। यहां पूछताछ करने पर उसने बताया कि पत्नी और ससुराल वाले आए दिन उसके साथ झगड़ा करते थे। वह पत्नी और उसके मायके वालों को सबक सिखाना चाहता था। किसी दूसरी युवती से शादी भी करना चाहता था। इसलिए उसने अपने भाई चेतराम और भाई सत्यवीर के साथ मिलकर अपनी हत्या की साजिश रची थी। पुलिस ने आरोपी और उसके पिता व भाई को गिरफ्तार कर लिया है। बुधवार शाम तीनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
पुलिस पूछताछ में आरोपी जयवीर ने बताया कि 2012 में सुमन के साथ उसकी शादी हुई थी। उस वक्त वह रुद्रपुर में बाइक के पार्ट्स बनाने वाली कंपनी में नौकरी करता था। यहां से नौकरी छोड़ने के बाद वह रामपुर आ गया। यहां उसने एक निजी कंपनी में नौकरी शुरू कर दी थी। पत्नी सुमन और बेटे भानू के साथ वह रामपुर के गंगापुर में किराये के मकान में रहता था। मार्च 2019 में सुमन के मायके वाले वैष्णो देवी दर्शन करने गए थे। उस वक्त सुमन भी उसके साथ गई थी। जयवीर से बहुत कहा गया कि वह भी वैष्णो देवी चले, लेकिन उसने छुट्टी नहीं मिलने की बात कहकर जाने से इनकार कर दिया था। दर्शन करने के बाद पत्नी और बेटा लौटा, तो जयवीर गायब था। उसका मोबाइल नंबर भी बंद था। इसके बाद से जयवीर की तलाश की जा रही थी। जयवीर के परिवार के लोग लगातार आरोप लगा रहे थे कि जयवीर सुमन के साथ ही रामपुर में रहता था। सुमन पर ही गायब करने का आरोप लगाया जा रहा था। रामपुर और मुरादाबाद में सुमन के खिलाफ केस दर्ज कराने को जयवीर के पिता ने थाने में तहरीर दी थी, लेकिन पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया था।