चिकित्सकों आमिर, हामिद व मोहम्मद उमर को मृत घोषित कर दिया। जबकि अजहर को गंभीर हालत देखते हुए उसे परिजन बाहर ले गए। पुलिस ने मृतकों की जेब से मिले मोबाइल फोन पर कॉल की। फोन पर बात करने वाले व्यक्ति ने बताया कि दोनों के पिता-पुत्र होने की पुष्टि की। पुलिस से सूचना मिलने पर मोहम्मद उमर के परिजन धनौरा के लिए रवाना हो गए थे। पुलिस तीनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी कर रही थी।
हेलमेट भी हामिद की जान नहीं बचा पाया
गांव रवाना शिकारपुर का रहने वाला हामिद 25 दिल्ली के अलवी नगर में रहकर फ्रीज ठीक करने का काम करता था। पिता मोहम्मद उमर भी साथ रहते थे। बुधवार की दोपहर बाद पिता की इच्छा पर हामिद उनको लेकर बाइक से गांव के लिए चला था। हामिद ने सुरक्षा के लिहाज से सिर पर हेलमेट भी लगा रखा था। लेकिन दोनों बाइक की आमने सामने की टक्कर इतनी जबर्दस्त थी कि हेलमेट भी हामिद की जान की रक्षा नहीं कर सका। सभी मृतकों के सीने पर चोटें थी। बाइकों की टक्कर की आवाज सुनकर पास में ही रहने वाले लोग सबसे पहले मौके की ओर दौड़े थे।
बाप-भाई की मौत की सूचना मिलने पर बेसुध हो गया हैदर
पिता व भाई की सड़क दुर्घटना में मौत की सूचना मिलने पर हैदर पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मोहम्मद उमर के दो ही बेटे थे। हैदर व हामिद। हैदर गांव में ही रहकर मजदूरी करता है तो हामिद दिल्ली में रहकर फ्रीज की रिपेयरिंग का काम करता था। पिता काफी अरसे से हामिद के पास ही थे। हैदर ने ही पिता से गांव आने का अनुरोध किया था। उसे क्या पता था कि पिता व भाई से उसकी आखिरी बार बातचीत हो रही है। हैदर अब परिवार में अकेला पड़ गया है। पिता व भाई की मौत की सूचना मिलने पर बेसुध हो गया।