चिटफंड कंपनी खोलकर लोगों के पंद्रह करोड़ रुपये ठगने के आरोप में पुलिस ने महिला समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपी लोगों की रकम से खरीदी गई जमीन का बैनामा कराने कांठ तहसील पहुंचे थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। पकड़ी गई महिला कंपनी डायरेक्टर की पत्नी है। बुधवार शाम पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
एएसपी सागर जैन ने बताया कि छजलैट थानाक्षेत्र के फरीदपुर भैंडी उर्फ सीतापुर गांव निवासी राजेश कुमार ने 27 मई 2021 को सिविल लाइंस थाने में केस दर्ज कराया था। जिसमें उन्होंने बताया कि था कि रामगंगा विहार निवासी अजय कुमार यादव ने बताया था कि जनहित म्यूच्युअल बेनिफिट निधि कंपनी का डायरेक्टर है। इस कंपनी में उसकी पत्नी ममता यादव, सरिता केसरवानी, जितेंद्र कुमार, रविश कुमार, नवनीत कुमार, गजेंद्र सिंह यादव अलग अलग पदों पर तैनात हैं। आरोपियों ने रकम दोगुनी करने का झांसा देकर उनसे आरडी और एफडी के नाम पर 4.65 लाख रुपये जमा कराए थे। इसके बाद दो जून 2021 को छजलैट थानाक्षेत्र के संजरपुर गांव निवासी राजेंद्र सिंह ने इसी कंपनी के छह निदेशकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। राजेंद्र सिंह इसी कंपनी में एजेंट था। उसके द्वारा कराए गए बचत खाते, एफडी, आरडी की अवधि भी 2020 में पूरी हो गई थी, लेकिन ग्राहकों की रकम नहीं लौटाई गई थी। पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने निवेशकों के 15 करोड़ रुपये ठगे थे। मंगलवार को आरोपी कांठ तहसील में एक जमीन का बैनामा करने पहुंचे थे। इसी दौरान सिविल लाइंस पुलिस और कांठ पुलिस को इसकी भनक लग गई। पुलिस ने घेराबंदी करने के बाद कंपनी के डायरेक्टर अजय यादव की पत्नी ममता यादव, नवनीत कुमार निवासी राव रामनगर जनपद अमरोहा और उमेश कुमार निवासी फौलादपुर थाना मंडी धनौरा जनपद अमरोहा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपितों ने अपने अन्य साथियों के नाम भी बताए हैं। जिनकी तलाश में पुलिस टीमें जुटी हैं। सिविल लाइंस थाना प्रभारी आरपी सिंह ने बताया कि तीनों आरोपितों को बुधवार शाम अदालत में पेश किया, जहां से आरोपितोें को जेल भेज दिया गया गया है।
------------------------------------
छह माह से जेल में बंद थी ममता
मुरादाबाद। सिविल लाइंस थाना प्रभारी आरपी सिंह ने बताया कि आरोपितों ने पूछताछ में कुबूल किया है कि उन्होंने मुरादाबाद के अलावा उत्तर प्रदेश के अन्य जनपद और उत्तराखंड के शहरों में भी अपने कार्यालय खोले थे। आरोपित हजारों लोगों को ठगी का शिकार बना चुके हैं। उनके खिलाफ उत्तराखंड के कई जनपदों में भी मुकदमे दर्ज हैं। आरोपी ममता यादव को उत्तराखंड
पुलिस ने जेल भेजा था। छह माह तक ममता लोहगढ़ जेल में थी कुछ दिन पहले ही जेल से रिहा हुई थी।
इस तरह करते थे ठगी
मुरादाबाद। पुलिस पूछताछ में आरोपित नवनीत कुमार ने बताया कि लोगों कोे चार साल में धन दोगुना करने का लालच देकर पैसा ऐंठते थे। शहरों में अच्छे कमीशन पर अपने एजेंट तैनात करते थे। कंपनी 2016 में शुरू हुई थी, करीब चार साल में निवेशकों के करोड़ोें रुपये कंपनी ने ऐंठे। पॉलिसी मैच्योर होने से पहले ही कंपनी ने शहरों में अपने दफ्तर बंद कर दिए और सभी निदेशक कुछ समय के लिए भूमिगत हो गए। क्योेंकि निवेशकों का धन शहरों में बनाए गए एजेंटों के जरिए कंपनी तक पहुंचा था इसलिए लोग एजेंटों से ही धन मांगते थे, उन तक नहीं पहुंचते। कंपनी मालिक और चेयरमैन अजय यादव व अन्य सहयोगियों की मदद से वह निवेशकों के रुपये जमा कराता था। दूसरे आरोपी उमेश कुमार ने पुलिस को बताया कि वह कंपनी की देहरादून शाखा में काम करता था। कंपनी के अनुबंध पर मुरादाबाद का कार्य देख रहा था। महिला ममता यादव ने बताया कि कंपनी का मालिक व चेयरमैन अजय यादव उसका पति है। वह कंपनी मे डायरेक्टर के पर पर तैनात है। वह कंपनी में बराबर काम देखती थी।
इन लोगों की हुई गिरफ्तारी
- नवनीत कुमार निवासी राव रामनगर थाना अमरोहा देहात जनपद अमरोहा
-उमेश कुमार निवासी फौलादपुर थाना मंडी धनौरा जनपद अमरोहा
- ममता यादव पत्नी अजय कुमार यादव निवासी आशियाना कालोनी थाना सिविल लाइंस, जनपद मुरादाबाद
लोगों से ठगी के बाद खरीदी गई प्रॉपर्टी
- एक फार्म हाउस- कांठ रोड पर
- 16 बीघा जमीन रसूलपुर में
- 01 प्लाट कॉसमॉस हास्पिटल के पास
- 02 प्लाट कांशीराम नगर
- 01 मकान- आशियाना कालोनी जनपद मुरादाबाद
- 03 बीघा जमीन व 02 प्लाट देहरादून
- 03 प्लाट - कृष्णा देवी व जितेन्द्र यादव के नाम देहरादून में
- 02 बैंक एकाउंट ममता यादव के नाम पीएनबी रामगंगा विहार व बैंक ऑफ बड़ौदा आशियाना मुरादाबाद
01 एकाउंट कंपनी के नाम- पीएनबी रामंगंगा विहार थाना सिविल लाइंस शाखा में
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कई जिलों में केस
मुरादाबाद। मुरादाबाद के सिविल लाइंस थाने में दो केस, उत्तराखंड के चंपावत जनपद के टनकपुर ,लोहाघाट, टेहरीगढ़ के थाना घनशाली, नैनीताल के रामनगर, अल्मोड़ा चमौली के कर्णप्रयाग में केस दर्ज हैं।