महिला बंदियों द्वारा बनाई गईं मूर्तियों का रेलवे स्टेशन पर लगा स्टॉल। संवाद
- फोटो : CITY
मुरादाबाद। जिला कारागार में बंद महिलाओं के हुनर का उजाला देश-विदेश में फैल रहा है। बंदी महिलाओं द्वारा गौ काष्ठ से बनाई गईं भगवान लक्ष्मी-गणेश, शिव परिवार की मूर्तियां और मिट्टी के दीपक स्थानीय मार्केट के साथ अमेरिका तक पसंद किए जा रहे हैं। इस कला को प्रोत्साहन देने के लिए आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत शुक्रवार को रेलवे स्टेशन पर एक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।
प्रदर्शनी में महिला बंदियों द्वारा बनाए गए दीपकों और मूर्तियों का स्टॉल रेलवे स्टेशन पर लगाया गया। यह स्टॉल तीन अक्तूबर तक संचालित किया जाएगा। पहले दिन ही स्टेशन पर ग्राहकों की अच्छी रुचि देखने को मिली और शाम तक 70 से ज्यादा पीस बिके। इनता नहीं जिला कारागार में बंद महिलाओं की हुनर की तूती अमेरिका तक बोल रही है। ऑनलाइन शॉपिंग पोर्टल के जरिये अमेरिका तक से मांग आ रही है।
वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि जेल में महिला बंदियों द्वारा गाय के गोबर से मूर्तियां और मिट्टी के दीपक बनाए जा रहे हैं। तीन अक्तूबर तक मुरादाबाद रेलवे स्टेशन पर स्टॉल लगाया गया है। पहले 20 महिला बंदियों ने मूर्तियां बनाने का काम शुरू किया था। इनमें रंग भरकर इन्हें आकर्षक बनाने के लिए ज्यादा लोगों की आवश्यकता हुई तो करीब 50 महिला बंदी और इस काम में लग गईं। अब 70 महिला बंदियों द्वारा गौ काष्ठ से मूर्तियां और मिट्टी से दीपक बनाने का काम किया जा रहा है।
अब तक बिक चुकी हैं 5000 मूर्तियां
अब तक महिला बंदियों द्वारा बनाई गई 5000 मूर्ति और 25000 दीपक अमेजन के जरिये बेचे जा चुके हैं। वरिष्ठ जेल अधीक्षक के मुताबिक अब भी काफी ऑर्डर हैं, जिन्हें समय से पूरा करना है। बाजार में मांग बढ़ने के साथ-साथ महिला बंदियों का आत्मविश्वास भी बढ़ा है। इससे न सिर्फ वह आत्मनिर्भर बन रही हैं बल्कि उनका समय भी अच्छे से व्यतीत हो रहा है।