मुरादाबाद। ग्राम पंचायतों में प्रशासकों के कार्यकाल के दौरान आनन-फानन विकास कार्य के नाम पर खर्च की गई करोड़ों रुपये की धनराशि की जांच के लिए शासन से पहुंची पांच सदस्यीय टीम ने सोमवार जांच शुरू कर दी है। सबसे अधिक खामी शहर से सटी कुंदरकी विकास खंड की ग्राम पंचायत रतनपुर कला टीम की अगुवाई कर रहे विशेष सचिव पंचायतीराज शाहिद मंजर अब्बास रिजवी को मिली। स्थलीय निरीक्षण के दौरान हैंडपंप रीबोर, सीसी टायल्स समेत अधिकांश कार्य कागजों कराए गए मिले। वहां कमियां छिपाने के लिए पंचायत सचिव ने जमकर झूठ बोला, लेकिन विशेष सचिव की जांच में सारी पोल पट्टी खुल गई। मौके पर मौजूद ग्रामीण भी पंचायत सचिव के झूठ को सुन दंग रह गए। ग्राम पंचायत सोनकपुर में विशेष सचिव को अधिकांश कार्य तो मौके पर मिले, लेकिन वहां कई अभिलेखीय कमियां पाई गईं। कुछ स्थानों पर कार्य तो मिले लेकिन वहां नियम व कायदों का पालन नहीं किया गया मिला।
विशेष सचिव पंचायतीराज शाहिद मंजर अब्बास रिजवी सबसे पहले रतनपुर कला पहुंचे। वहां उन्होंने कन्या विद्यालय में गांव के कुछ लोगों को बुलवाया कर उनके सामने प्रशासकों के कार्यकाल के दौरान कराए गए विकास कार्यों की सूची पढ़वाई। जिसमें 2.96 लाख रुपये की लागत से हैंडपंप रीबोर कराया गया दिखाया गया था। विशेष सचिव ने ग्राम पंचायत सचिव सुरेंद्र से रीबोर दिखाए गए हैंडपंप का स्थान पूछ कर ग्रामीणों से उसकी तस्दीक की तो ग्रामीणों ने हैंडपंप रीबोर न होने की बात बताई। लेकिन सचिव ग्रामीणों की बात झुठलाने की कोशिश करता रहा। इस पर विशेष सचिव ने सत्यता की पड़ताल के लिए सचिव द्वारा बताए गए स्थान विद्यालय व मंदिर गए। लेकिन दोनों ही स्थानों पर कई साल पहले से लगा हैंडपंप अपने स्थान पर मिला। सचिव ने यहां भी विशेष सचिव से झूठ बोलते हुए लगे हैंडपंप से थोड़ी दूर एक स्थान दिखाते हुए बताया कि पहले यह हैंडपंप यहां लगा था। लेकिन ग्रामीणों ने सचिव की बात का खंडन किया और बताया कि पिछले कई सालों से हैंडपंप वहीं लगा है जहां अब मौजूद है। रीबोर की बात पूरी तरह गलत है।
कमोवेश यही स्थिति वहां स्थिति मंदिर पर लगे हैंडपंप की मिली। वहां भी हैंडपंप रीबोर के नाम पर धनराशि निकाली गई है, लेकिन वहां के पुजारी ने टीम को बताया कि पिछले सात-आठ साल से हैंडपंप न तो रीबोर हुआ है न ही मरम्मत। विशेष सचिव ने पंचायत सचिव से कहा कि अगर हैंडपंप रीबोर कराया है तो पुराने स्थान को फावड़े से खोदवा कर देखते हैं। पुराने स्थान पर पाइप मिल जाएगा। इस पर ग्राम पंचायत सचिव ने टाला मटोली करने लगा। मौके पर मौजूद डीपीआरओ ने झूठ बोलने पर ग्राम पंचायत सचिव की फटकार भी लगाई। इस मौके पर डीपीआरओ आलोक कुमार प्रियदर्शी, रामपुर जिला पंचायत के इंजीनियर मोहम्मद गुलफाम भी मौजूद रहे।
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